पीडीडीयू नगर। पेंशन धारकों की समस्याओं के समाधान के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित पेंशनर दिवस में रविवार को 125 पेंशनरों की समस्या सुनी गई। इस दौरान अधिकतर समस्या जीवित प्रमाण पत्र, जांच के कारण पेंशन रुकने से संबंधित रही। सबसे प्रमुख मांग कोरोना काल में 18 माह के महंगाई भत्ता फ्रीज किए जाने का रहा। इसे जारी कर एरियर देने की मांग की गई। इस मौके पर संयुक्त पेंशनर्स कल्याण समिति ने शासन स्तर की छह और जनपद स्तर की पांच समस्याओं से संबंधित ज्ञापन एडीएम अभय कुमार पांडेय को सौंपा।
पेंशनर्स दिवस को लेकर पेंशन धारकों में उत्साह दिखा। सुबह दस बजे ही कलेक्ट्रेट सभागार में पेंशनर्स पहुंच गए। इसमें दो लोग ऐसे पहुंचे जिनका पेंशन जांच के कारण रुका था। अन्य लोग सामान्य समस्याओं को लेकर पहुंचे थे। इस दौरान संयुक्त पेंशनर्स कल्याण समिति ने सेवानिवृत्त तिथि को सभी देयों को भुगतान करने, कर्मचारियों के अभिलेखों का समुचित रख रखाव करने, सेवानिवृत्त शिक्षकों को जीवन बीमा और पेंशन प्राधिकार पत्र उपलब्ध कराने की की मांग की। इस दौरान जीवित प्रमाण पत्र समीपवर्ती बैंक और पोस्ट ऑफिस में जमा कराने में परेशानी हो रही है। इसे दूर कराने, जांच के कारण पारिवारिक पेंशन न रोकने की मांग की गई। वहीं प्रदेश सरकार की कैशलेस योजना को सेवानिवृत्त शिक्षकों पर लागू करने, पेंशन राशिकरण की वसूली 15 के बजाए 12 वर्ष में पूरा करने, सेवानिवृत्त कर्मियों के 65 वर्ष, 70 वर्ष, 75 वर्ष की आयु पूरी होने पर क्रमश: पांच, दस और 15 प्रतिशत वृद्धि करने की मांग उठाई गई। अपर जिलाधिकारी अभय कुमार पांडेय ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। मुख्य कोषाधिकारी हरिश्चंद्र पटेल ने समस्याओं का समाधान किया। इस मौके पर रामदल सिंह, कैलाशपति सिंह, शिवमूरत यादव, नंदलाल, शिवानंद, रामजी, जयराम प्रसाद, नरोत्तम राम, बृजनाथ सिंह, रामअवध, हरिशंकर मिश्र, नजरूद्दीन आदि उपस्थित रहे। संचालन संयुक्त पेंशनर कल्याण समिति के संयोजक दीनानाथ शर्मा ने की।