बेसब्री खत्म हुई। सोमवार की शाम चांद का दीदार होते ही मुस्लिम इलाकों में रमजान मुबारक की गूंज होने लगी। गली-मोहल्लों में मुबारक माह के शुरू होने पर लोगों ने खुशियां जताई। साथ ही एक दूसरे से गले मिल कर पाक माह की मुबारकबाद दी। इसी के साथ रात में तरावीह भी शुरू हो गई। दूसरी तरफ रमजान की पूर्व संध्या पर सजे बाजारों में खरीददारों की भीड़ जुटी।
इबादतों का महीना, पांच फर्ज में एक माना जाने वाला रमजान माह शुरू होने का इंतजार सबको था। सोमवार को चांद के दीदार की आस थी। ऐसे में शाम होते हुए लोग छतों पर चढ़कर चांद को निहारने लगे। जैसे ही चांद दिखा, सभी ने एक दूसरे को मुबारक बाद दी। नगर के मुस्लिम महाल, कसाब महाल, शाहकुटी, इस्लामपुर, पराहुपुर सहित अन्य इलाकों में रमजान मुबारक की गूंज सुनाई दी। इसके पूर्व दिन में नगर के जामा मस्जिद के समीप सेवई, खजूर, कपड़ों सहित अन्य वस्तुओं की दुकान सजी। यहां दिन भर खरीददारों की भीड़ रही। रमजान के मद्देनजर बाजार में एक दर्जन वैरायटी के खजूर आ गए हैं। इनकी कीमत सौ रुपये से छह सौ रुपये किलोग्राम तक है। सउदी अरब से आए पैकेटबंद खजूर की डिमांड अधिक है। इसी तरह तरह तरह की सेवइयों की दूकान सजी है।