चंदौली। मुख्यालय स्थित पं. कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय परिसर के मातृ शिशु विंग बच्चों की इमरजेंसी सुविधा के लिए बनाया गया है। लेकिन इसकी इमरजेंसी में रात को कोई दवा ही नहीं मिलती। डॉक्टर बाहर की दवा लिखते हैं। कभी-कभी 11 बजे के बाद इमरजेंसी में बच्चे को लेकर आए परिजन दवा लेने बाहर जाते भी हैं तो बाहर के मेडिकल भी बंद हो जाते हैं। ऐसे में बच्चों का इलाज नहीं हो पाता और परिजनों को मजबूरी में प्राइवेट अस्पताल में जाना पड़ता है। मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल परिसर में बच्चों के इलाज के लिए मातृ शिशु विंग संचालित होता है। जहां पर ओपीडी से लेकर गर्भवती महिलाओं के लिए सभी सुविधाओं के साथ इमरजेंसी की व्यवस्थाएं संचालित होती है। जहां प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज करने के लिए आते हैं, यही नहीं इमरजेंसी में भी प्रतिदिन 50 से अधिक मरीज इलाज को आते हैं। इमरजेंसी में रात्रि में चिकित्सक तो उपलब्ध रहते हैं पर दवा की उपलब्धता नहीं होती। इससे मरीजों और तीमरदारों को बाहर मेडिकल से दवा लानी पड़ती है। कभी-कभी तो ऐसा होता है कि बाहर की भी मेडिकल देर रात बंद हो जाती है। ऐसे में लोगों को इलाज के लिए मजबूरी में प्राइवेट हॉस्पिटल में जाना पड़ता है। इसे लेकर कई बार मरीज और उनके तीमारदारों और चिकित्सकों में झड़प हो चुकी है, इसके बावजूद चिकित्सक द्वारा बाहर की दवा लिखी जाती है। वहीं विभागीय अधिकारियों का दावा है कि इमरजेंसी में सभी दवाएं उपलब्ध हैं। कुछ दवाई नहीं हैं, उन्हें जल्द ही मंगाया जाएगा।