एमएलसी केदारनाथ सिंह और भाजपा नेता राणा प्रताप सिंह के साथ क्रय केंद्र
पर पहुंचे किसानों ने इस अनियमितता के पकड़ में आने के बाद हंगामा शुरू कर
दिया। डिप्टी आरएमओ ने दूसरी मशीन मंगाकर जब धान की जांच की तो धान मानक के
अनुरूप निकला।
डिप्टी आरएमओ ने उक्त दोनों एजेंसी के प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई करने का
आश्वासन दिया है। क्रय केंद्र पर मौजूद मशीन धान में ज्यादा नमी दिखा रही
थी। जिससे कर्मचारी मानक के अनुरूप धान नहीं होने की बात कहकर किसानों को
लौटा रहे थे।
मंडी परिसर में खुले नेफेड और यूपीएसएस के क्रय केंद्रों
पर धान की नमी मापने वाली मशीन में खेल कर किसानों को बैरंग वापस कर दिया
जा रहा था।
संदेह होने पर भाजपा एमएलसी केदार सिंह और किसान मोर्चा काशी
क्षेत्र के अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे।
वहां वे किसान मौजूद
थे जिनके धान में मानक से अधिक नमी बताकर केंद्र संचालकों ने धान खरीदने से
मना कर दिया था।
केदार सिंह ने दोबारा धान के जांच की बात कही, तो केंद्र
पर मौजूद कर्मचारियों ने कहा कि मशीन अभी खराब है।
सूचना पाकर डिप्टी आरएमओ
विवेक सिंह मौके पर पहुंचे और दूसरे केंद्र से नई मशीन मंगाई।
इसके बाद जब
किसानों के धान की जांच की गई तो धान में नमी मानक के अनुरूप पाई गई। इसके
बाद किसान हंगामा करने लगे और खराब मशीन को सील कर नेफेड और यूपीएसएस के
प्रबंधकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़ गए।