मौनी अमावस्था पर लाखों भक्तों ने लगाई पश्चिम वाहिनी गंगा में डूबकी
01. हर हर गंगे के जयकारे से गूंजता रहा इलाका
स्नान के बाद मेले में खूब हुई खरीददारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सचित्र-
चहनिया। मौनी अमावस्या पर क्षेत्र के बलुआ स्थित पश्चिम वाहिनी गंगा तट पर लाखों भक्तों ने आस्था की डह्नबकी लगाई। बृहस्पतिवार को आधी रात के बाद से स्नान का शुरू हुआ सिलसिला शुक्रवार को दोपहर बाद तक चलता रहा। स्नान के बाद लोगों ने दानपूण्य किया, मंदिरों में दर्शन पूजन किए। दिन भर पूरा इलाका हर हर गंगे के जयकारे और घंट घड़ियाल की आवाज से गूंजते रहे। स्नान ध्यान और दान के बाद मेले में खूब खरीददारी की। इस दौरान गंगा तट पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम रहे।
मौनी अमावस्या पर पश्चिमवाहिनी गंगातट बलुआ में मौन रहकर स्नान करने और तिलदान का अत्यधिक महत्व है। पिछले एक सप्ताह से यहां जुटने वाली स्नानार्थियों की भीड़ को देखते हुए प्रशासनिक तैयारियां हो रही थी। बृहस्पतिवार को आधी रात के बाद से ही दूर दराज से स्नानार्थियों के बलुआ पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। जिले के साथ पूर्वांचल और बिहार से बड़ी संख्या में स्नानार्थी पहुंचे। आधी रात के बाद से ही मौन रहकर स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। भक्तों की भीड़ में यहां की पूूरी व्यवस्था धराशायी हो गई लेकिन अव्यवस्थाओं पर आस्था भारी रही। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने पुरोहितों, भिक्षुकों को दान कर पुण्य किया और मंदिरों में दर्शन पूजन किए। बाद में मेले में खूब खरदीददारी की। भक्तों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। गंगा में बैरिकेटिंग की गई थी। वही गंगा घाट पर पहुंचने वाले रास्ते पर भी बैरिकेटिंग रही। इससे स्नानार्थी कतारबद्ध होकर पहुंचे। एनटीआरएफ की टीम नाव से गंगा में लगातार चक्रमण करती रही पहीं गोताखोर भी सक्रिय रहे। पुलिस लगातार चक्रमण करती रही।
इनसेट-मेले में गुड़हिया जलेबी और आकाशीय झूला पर उमड़ी भीड़
चहनियां। मौनी अमावस्या पर बलुआ गंगा घाट और रास्ते में भव्य मेला लगा रहा। स्नान ध्यान के बाद लोगों ने मेले में खूब आनंद लिया। मेले में गुड़हिया जलेबी, पकौड़ी, बिसातबाना और झूला पर अधिक भीड़ जुटी। आकाशीय झूला झुलने के लिए महिलाओँ और बच्चो में उत्सुकता रही। वहीं बच्चे, गुब्बारे, खिलौने, चाट आदि की खरदीदारी की।
इनसेट-खूब बिके ओखल, मूसल और जांता
चहनियां। मौनी अमावस्या मेले में स्नान ध्यान के बाद मेले में चाट पकौड़ी और गृहस्थी के सामान ही नहीं ओखल, मूसल और जांता की खूब खरीद फरोख्त हुई। दो दिन पहले ही बंजारा जाति के लोग ओखल, मूसल, जांता सहित पत्थर के अन्य सामान आ गए थे। शुक्रवार को स्नान ध्यान के बाद लोग इन दुकानों पर पहुंचे और सिल बट्टा, जांता, ओखल मूसल आदि की खरीद फरोख्त की।
इनसेट-
चहनियां। पश्चिम वाहिनी गंगा तट पर मेले में आए स्नानार्थियों में किसी प्रकार दिक्कते न हो इसके लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। मेले में सादे वेश में पुलिस कर्मी, महिला कांस्टेबल, जल पुलिस चक्रमण करती रही। एसडीएम सकलडीहा विजय नरायन सिंह, सीओ सकलडीहा प्रदीप सिंह चंदेल, बलुआ थानाध्यक्ष अतुल नारायण सिंह आदि दिन भर चक्रमण करते रहे।
02. प्रयागराज जाने वाले स्नानार्थियों से पटा रहा रेलवे स्टेशन
संवाद न्यूज एजेसी
पीडीडीयू नगर। मौनी अमावस्या पर प्रयागराज में संगम स्नान के लिए जाने वाले स्नानार्थियों से स्थानीय रेलवे स्टेशन पटा रहा। बृहस्पतिवार को आधी रात के बाद प्रयागराज जाने वाले और शुक्रवार को दोपहर बाद प्रयागराज से आने वाले ट्रेने स्नानार्थियों से खचाखच भरी रही। स्नानार्थियों की भीड़ को संभालने में जीआरपी और आरपीएफ को मशक्कत करनी पड़ी।
मौनी अमावस्या पर बड़े पैमाने पर महिला पुरुष प्रयागराज में संगम स्नान के लिए जाते हैं। जिला ही नहीं पूर्वांचल और बिहार से बड़ी संख्या में लोग संगम स्नान के लिए जाते हैं। मौनी अमावस्या प्रयागराज जाने के लिए बृहस्पतिवार से ही प्रयागराज की ओर जाने वाली ट्रेनों में भीड़ बढ़ने लगी थी लेकिन रात होते होते ट्रेनों की भीड़ बढ़ने लगी। भीड़ के मद्देनजर आरपीएफ और जीआरपी सुरक्षा के प्रति सतर्क रही। शुक्रवार की भोर में भी प्रयागराज के साथ वाराणसी जाने वाली ट्रेनों में भी भीड रही। भीड़ को देखते हुए रेलवे ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय से प्रयागराज के बीच दो पैसेंजर ट्रेनों को चलाई। बावजूद इसके एक्सप्रेस ट्रेनों में भी भीड़ कम नहीं रही। शुक्रवार को दोपहर बाद प्रयागराज से आने वाली ट्रेनों में स्नानार्थियों की भीड़ रही। जीआरपी डीडीयू प्रभारी निरीक्षक आरके सिंह और आरपीएफ डीडीयू पोस्ट प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के प्रति सतर्कता बरती गई।