घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि शहर के घनी आबादी वाले इलाकों में संचालित कई मिठाई कारखानों में अग्निशमन के पर्याप्त और मानक अनुरूप उपकरण नहीं लगाए गए हैं, जो भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया कि रिहायशी क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजामों के अभाव के बावजूद ऐसे कारखानों को संचालन की अनुमति कैसे दी जाती है। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मिठाई कारखानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की सख्ती से जांच कराई जाए और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।