भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर विरोध मार्च निकाला। कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में केंद्र सरकार के विरोध में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम संबोधित छह सूत्री ज्ञापन एसडीएम सदर गिरीश कुमार को सौंपा।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह मुन्ना ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण कानून में किया गया बदलाव किसान विरोधी है। इस अध्यादेश को तत्काल वापस लिया जाए।
इसमें केंद्र सरकार पूर्ण रूप से पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने का काम किया है। भाजपा सरकार किसान विरोधी है। कहा कि कांग्रेसी कभी भी किसानों की अनदेखी नहीं होने देंगे। इसके लिए आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों का दाम अंतर्राष्ट्रीय बाजार में काफी घट चुका है। बावजूद इसके सरकार जनता को इसका पूर्ण लाभ देने की बजाय अपनी जेब भरने में लगी है।
चेताया कि यदि भूमि अधिग्रहण कानून में किए गए परिवर्तन को नहीं बदला गया तो कांग्रेस आंदोलन का उग्र करेंगे।
इस मौके पर सतीश बिंद, नवीन सिंह बबलू, साह आलम, केदारनाथ, श्रीराम यादव, डा. नारायणमूर्ति ओझा, डा. सुल्तान खां, त्रिलोकी जायसवाल, लालजी सिंह, मधु राय, विजय त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे। संचालन डा. समर बहादुर सिंह ने किया।