चंदौली। जनपद में अवैध और फर्जी अस्पतालों का जाल इस कदर फैला हुआ है कि मरीजों की जिंदगी और परिवार की जमा पूंजी दोनों दांव पर लग जाते हैं।
स्थिति यह है कि बिना पंजीकरण और मानक पूरे किए कई अस्पताल व क्लीनिक चल रहे हैं। मौत जैसी बड़ी घटनाओं के बाद ही स्वास्थ्य महकमा हरकत में आता है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती। जिले में ऐसे मामले आए जिसमें डिप्टी सीएम के आदेश के बाद कार्रवाई हुई। बीते फरवरी माह में एक गर्भवती महिला की मौत के बाद पहली बार स्वास्थ्य विभाग ने सक्रियता दिखाई थी और उसपर कार्रवाई हुई। वहीं हाल ही में प्रदेश के डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. ब्रजेश पाठक के हस्तक्षेप के बाद चकिया जिला अस्पताल के एक विवादित चिकित्सक पर बड़ी कार्रवाई की गई। अब सवाल उठ रहा है कि अगर यह दखल न होता तो क्या कार्रवाई संभव थी?