रेलवे सुरक्षा बल, बचपन बचाओ आंदोलन और चाइल्ड लाइन की संयुक्त टीम ने रविवार को गया से चेन्नई जा रहे तीन बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। इस दौरान तस्करी के आरोप में एक व्यक्ति को पकड़ा। नाबालिगों को चाइल्ड लाइन भेज दिया।
आरपीएफ पीडीडीयू पोस्ट प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत ने बताया कि बचपन बचाओ आंदोलन की सहायक परियोजना अधिकारी चंदा गुप्ता और चाइल्ड हेल्प डेस्क आरपीएफ के साथ बाल श्रम के खिलाफ अभियान चला रही थी। प्लेटफाॅर्म संख्या 4 पर गया - चेन्नई एक्सप्रेस पहुंची। गाड़ी को चेक करने पर पीछे के जनरल कोच में 03 नाबालिग डरे सहमे दिखे। उनके साथ एक व्यक्ति था। बात करने पर नाबालिगों ने बताया कि वे चेन्नई मजदूरी करने जा रहे है। इस पर तीनों नाबालिगों और साथ चल रहे व्यक्ति को ट्रेन से उतारा गया। पूछताछ में पता चला कि
बिहार के गया जिले के डोभी थाने के गमहरीया निवासी विरहिन मांझी तीन नाबालिगों को चेन्नई ले जा रहा है। इनसे होटल में बर्तन धोने का काम कराया जाएगा। 12 घंटे काम के एवज में 14 हजार रुपये दिए जाएंगे। आरोपी को मुग़लसराय कोतवाली को साैंप दिया।