फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कर्म करके ही अपने भाग्य को संवार सकता है मनुष्य

विज्ञापन
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर। परमात्मा किसी के भाग्य में सुख और किसी के भाग्य में दुख नहीं लिखता है। यह सब अपने ही कर्मों का परिणाम होता है। जो वह भोगता है। चाहे वह आनंददायक हों या पीड़ादायक। सुख-दुख, सफलता -असफलता, यश-अपयश का कारण भाग्य को मान लेना नितांत अज्ञानता है। कर्म करके ही मनुष्य अपने भाग्य को संवार सकता है। ये बातें मानव उत्थान सेवा समिति की ओर से नगर के पराहुपुर स्थित प्रिया नगर कालोनी में साध्वी प्रिया की पुण्यतिथि पर आयोजित गोष्ठी में साध्वी सौम्या ने कहीं। इसके पूर्व साध्वी प्रिया के चित्र पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साध्वी सौम्या ने कहा कि जो मनुष्य भाग्य के भरोसे बैठे रहते हैं, वे अपने जीवन में कुछ भी नहीं कर पाते। हमें भाग्य के भरोसे ना बैठ कर कर्म को प्रधानता देना चाहिए। महात्मा रंजनानंद ने कहा कि भाग्य के भरोसे बैठकर स्वयं को अकर्मण्य बना लेना बुद्धिमानी नहीं है, कर्म में ही शक्ति है। इस मौके पर साध्वी ज्ञानवती बाई, सिविल बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व पूर्व महामंत्री वीरेंद्र प्रताप सिंह दाढ़ी, एसपी यादव, सावित्री देवी, सविता देवी, बचानी देवी रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें