कोहरे का असर ट्रेनों पर खूब दिख रहा है। तेज रफ्तार ट्रेनें भी धीमी हो गई
हैं। कोहरे की वजह से सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस को निरस्त कर दिया गया।
अन्य ट्रेन भी चार से छह घंटे की देरी से मुगलसराय पहुंची और गंतव्य के लिए रवाना हुई।
ट्रेन के इंतजार कर रहे यात्रियों को खूब फजीहत झेलनी पड़ी।
सर्वाधिक
दिक्कत रात में यात्रा करने वालों को हुई। कोहरे का सामना करते हुए किसी
तरह स्टेशन पर तो पहुंच गए लेकिन ट्रेन लेट होने से ठंड के बीच सिकुडते हुए
इंतजार करना पड़ा।
यहां तक कि राजधानी जैसी ट्रेन भी आठ घंटे विलंब से
आयी।
कोहरे के चलते सोमवार से छायी कोहरे की धुंध ने ट्रेनों की
रफ्तार पर ब्रेक लगा दी है। सोमवार को डाउन की ओर जो ट्रेन दस से बारह घंटे
विलंब से गई वह अप भी घंटों विलंब से आयी।
चाहे बात डाउन मगध एक्सप्रेस,
दुरन्तों एक्सप्रेस,डाउन अजमेर सियालदह एक्सप्रेस सभी ट्रेनों अप की ओर
पांच से छह घंटे की देरी से आयीं। दिल्ली से डिब्रूगढ़ टाउन जाने वाली डाउन
ब्रह्रमपुत्र मेल आठ घंटे विलंब से गई।
नई दिल्ली से पुरी जाने वाली
डाउन पुरूषोत्तम एक्सप्रेस तथा हावड़ा से अमृतसर जाने वाली अप पंजाव मेल
भी देरी से रवाना हुई। नई दिल्ली से अलीपुर द्वार जाने वाली डाउन महानंदा
एक्सप्रेस आठ घंटे की देरी से रवाना हुई जबकि अलीपुर द्वार से नई दिल्ली
जाने वाली अप सिक्किम महानंदा निरस्त रही।
वीवीआईपी ट्रेन में शूमार नई
दिल्ली से हावड़ा जा रही डाउन कोलकाता राजधानी एक्सप्रेस दस घंटे की देरी
से मुगलसराय स्टेशन पहुंची। इसी तरह जोगबनी आंनद विहार टर्मिनल सीमांचल
एक्सप्रेस, हावड़ा छत्रपति शिवाजी टर्मिनल मुबंई मेल समेत एक दर्जन से
अधिक ट्रेन एक से छह घंटे विलंबित होकर गतंव्य को रवाना हुई।
ट्रेनों के
देरी से पहुंचने से जहां यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वैसे
तो यात्री स्मार्टफोन और इंटरनेट देखकर गाड़ी आने के संभावित समय पर स्टेशन
पहुंचे लेकिन यहां आने पर पता चला कि ट्रेन दो से तीन घंटे और विलंबित
होगई।
ऐसे में रात में कोहरे में स्टेशन पहुंचने वाले यात्री पूरी रात
ठिठुरते हुए ट्रेन का इंतजार करने को मजबूर दिखे। वहीं रात का फायदा उठाकर
यात्रियों से स्टाल संचालकों ने भी चाय, काफी आदि के अधिक कीमत वसूले।
इस
संबंध में मंडल रेल प्रबंधक विद्याभूषण ने बताया कि कोहरे से ट्रेनों का
परिचालन प्रभावित हो रहा है। बढ़ते कोहरे के चलते और भी विलंबित हो सकती
हैं।