व्यापारियो का पंजीकरण करते वाणिज्य कर अधिकारी।
जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) के लिए व्यापारियों का पंजीकरण शुरू हो गया है। मंगलवार को चंदासी कोल मंडी स्थित एक होटल में शिविर लगाकर वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों की टीम ने व्यापारियों को पंजीकरण किया। जीएसटी माइग्रेट को लेकर व्यापारियों में उत्सुकता का माहौल रहा।
देश में जीएसटी बिल लागू होने के बाद व्यापारियों के पंजीकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 31 दिसंबर तक वैट में पंजीकृत व्यापारियों को जीएसटी में माइग्रेट किया जाना है। इसी अभियान के तहत मंगलवार को डिप्टी कमिश्नर एसके श्रीवास्तव, अस्टिटेंट कमिश्नर रितेश कुमार, वाणिज्य अधिकारी श्रीराम कुमार आदि की टीम होटल में पहुंची। यहां चार दिवसीय कैंप की शुरूआत हुई। अधिकारियों की टीम ने वैट पंजीकृत व्यापारियों का पंजीकरण किया। इस दौरान कोल सहित अन्य व्यापारियो को आईटीसी पासवर्ड, जीएसटी नंबर आदि दिया गया। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद से कर चोरी 95 प्रतिशत तक रूक जाएगी। यह पूरे देश में एक साथ लागू होगा। कहा कि अब तक अंतर्राज्यीय बार्डर पर 38 नंबर फार्म की चेकिंग होती है लेकिन इसके लागू होने के बाद चेकिंग व्यवस्था खत्म हो जाएगी। व्यापारी अब दूसरे राज्यों से बेरोक टोक माल मंगा कर व्यापार कर सकेंगे।
वैट में पंजीकृत व्यापारियों को इसके लिए जीएसटी में माइग्रेट कराना होगा। जो व्यापारी रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए हैं उन्हें सीधे जीएसटी रजिस्ट्रेशन करान होगा। इसके बाद ही उन्हें लाभ मिल सकेेगा। कहा कि यहां चार दिनों तक कैंप रहेगा। यहां व्यापारियों का त्वरित रजिस्ट्रेेशन होग। इसके बाद व्यापारियो को रजिस्ट्रेशन के लिए विभाग के चक्कर काटने पड़ेंगे।इस दौरान चंदासी कोल मंडी के अध्यक्ष धर्मराज यादव ने व्यापारियों ने कैंप में आकर रजिस्ट्रेशन कराने का आग्रह किया। इस मौके पर कैलाश पोद्दार, लालचंद आदि रहे।