मांस विक्रेताओं को हिदायत देते कोतवाल।
शासन के फरमान पर जिला प्रशासन ने जनपद में अवैध तरीके से चल रहे तीन बूचड़खानों पर बुधवार को ताला बंद कर दिया। इसमें दुलहीपुर में एक तथा मुगलसराय में दो शामिल हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से सहमे मांस विक्रेताओं ने बुधवार को पूरे दिन दुकानें नहीं खोलीं।
मुगलसराय नगर पालिका क्षेत्र में दोनों बूचड़खाने नगर पालिका प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा था। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी धर्मराज सिंह यादव ने बताया कि यहां के बूचड़खाने में दस लोगों का पशुओं को काटने का पंजीकरण है, लेकिन वर्ष 2017 में मात्र दो लोगों ने पंजीकरण कराया है। शेष आठ लोगों का लाइसेंस नवीनीकृत नहीं है। उन्हें लाइसेंस फीस जमा करने का निर्देश जारी किया गया है।
बताया कि बूचड़खाने का निर्माण 70 वर्ष पूर्व किया गया था। उस समय नगर पालिका नहीं थी। नगर पालिका के गठन के बाद यहां दस लोगों को भैंसा काटने का लाइसेंस दिया गया था।
तब से उन्हीं लोगों के लाइसेंस का नवीनीकरण होता आ रहा है। इधर पिछले कुछ वर्षों से आठ लोगों ने अपना लाइसेंस नवीनीकरण नहीं कराया है। अवैध रूप से पशुओं को काटने वालों को कार्य बंद करने का सख्त आदेश दिया गया है। मांस बेचने वालों को कहा गया है कि वे अपने यहां पशुओं को न काटें। बाहर से लाकर मांस बेच सकते हैं। कहा कि गंदगी को नगर पालिका की गाड़ी से उठवाकर नगर से बाहर गड़्ढा खोदकर मिट्टी से दबा दिया जाता है। वहीं अन्य गंदगी की नगर पालिका के सफाई कर्मियों द्वारा सफाई की जाती है।
पुलिस अधीक्षक दीपिका तिवारी ने बताया कि दुलहीपुर के कुछ घरों में पशुओं को काटने का कारोबार अनाधिकृत रूप से चल रहा था। तत्काल प्रतिबंध लगा दिया गया है। कहा कि नगर पालिका क्षेत्र में चल रहे स्लाटर हाउस के संबंध में अधिशासी अधिकारी कार्रवाई करेंगे।