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कवि आनंद परमानंद के निधन पर साहित्कारों ने दी श्रद्धांजलि

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पीडीडीयू नगर। हिंदी ग़जलों के सशक्त रचनाकार, कवि आनंद परमानंद का निधन 1 मई को बीएचयू अस्पताल, वाराणसी में फेफड़े के संक्रमण के कारण हो गया। जिले के साहित्यकारों ने वर्चुअल माध्यम से गोष्ठी कर कवि आनंद परमानंद को श्रद्धांजलि दी और शोक व्यक्त किया। बरहनी ब्लॉक के रामपुर निवासी वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. केशरी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि बनारस के शीर्षस्थ और वरिष्ठ कवि, दुष्यंत की परंपरा के सशक्त गजलकार आनंद परमानंद के निधन से हिंदी साहित्य की जो क्षति हुई है उसे किसी भी तरह पूरा नहीं किया जा सकता। आनंद परमानंद स्वभाव से अति सरल, मधुर मुस्कान वाले फक्कड़ मिजाज, मस्त मौला, लंबे कद वाले व्यक्तित्व थे। बताया कि 1 मई 1939 को जन्मे आनंद का निधन भी 1 मई 2021 को ही हुआ।
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डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि 1974 में गंगापुर विधानसभा से एमएलए का चुनाव लड़ने वाले आनंद परमानंद ने वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर राष्ट्रपति वीवी गिरी के समक्ष अपना काव्य पाठ भी प्रस्तुत किया था। सड़क पर जिंदगी उनकी हिंदी गजलों का एक संग्रह है जिसमें रचनाकार ने तमाम ऐसी गजलें, ऐसे मतलों को पेश किया है कि जिन्हें पढ़कर मुख से तारीफ ही निकलती है। श्रद्धांजलि देने वालों में डॉ. केशरी नारायण त्रिपाठी, ओम धीरज, अशोक पाठक, रंगनाथ द्विवेदी, हर्षवर्धन, लोलार्क द्विवेदी, प्रो. राधेश्याम दुबे, प्रो. अवधेश नारायण मिश्र रहे।
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