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दुष्कर्म के दोषी आजीवन कारावास की सजा

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किशोरी से दुष्कम करने वाले को स्पेशल जज पॉक्सो राजेन्द्र प्रसाद की अदालत ने कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अर्थदंड न देने पर दो वर्ष अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया है।
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अभियोजन की ओर से स्पेशल कौंसिल पॉक्सो शमशेर बहादुर सिंह ने तर्क प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि मुगलसराय कोतवाली के एक व्यक्ति ने बेटी से दुष्कर्म किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई। बताया कि वाराणसी के अंधरापुल निवासी रविशंकर मौर्या उसकी बेेटी को ट्यूशन पढ़ाता था। तीस अप्रैल 2016 को उसकी 13 वर्षीय बेटी को भगा ले गया। 14 दिन बाद बेटी घर वापस आयी तो आपबीती सुनाई। बताया कि ट्यूशन टीचर ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। इस संबंध में पुलिस ने धारा 363, 366, 376 आईपीसी व 3/4 पास्को एवं 3 (2) 5 एससीएसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज करते हुए विवेचना कर रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत किया। इसकी सुनवाई स्पेशल जज पोक्सो कोर्ट में की गई। इसमें कुल 11 गवाह पेश किए गए। इस दौरान न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उन्होंने धारा 363 आईपीसी में चार वर्ष कठोर कारावास और पांच हजार रुपया जुर्माना लगाया। अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा से दंडित किया। वहीं 366 आईपीसी में 5 साल की सजा और 6 हजार रुपया अर्थदंड लगाया। अर्थदंड नहीं देने पर दो माह की अतिरिक्त सजा और धारा 4 (1) पास्को एक्ट में 14 वर्ष की सजा व 10 हजार रुपया जुर्माना सुनाया। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का निर्देश दिया। इसके अलावा धारा 3 (2) 5 एससीएसटी में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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