ग्रामीणों को उस क्षेत्र में जाने से मना कर टीम लौट गई। शाम में ग्रामीणों ने फिर से तेंदुए को बबूल के पेड़ पर बैठा दिखा। वन दरोगा ने बताया कि जब तक पकड़ा नहीं जाएगा, तब तक पता नहीं चल पाएगा कि कौन सा जानवर है। फोटो से यह नहीं कहा जा सकता कि यह तेंदुआ है या फिर जंगली बिल्ली।