मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उधर,हादसे की सूचना मिलते ही कम्हारी गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मनीष अपने पीछे माता-पिता, छोटे भाई और पत्नी को छोड़ गए हैं। उनकी असमय मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों ने बताया कि मनीष का विवाह लगभग एक वर्ष पूर्व कैली कुरहना गांव निवासी संतोष श्रीवास्तव की पुत्री अर्चना श्रीवास्तव से हुआ था। शादी के एक साल के भीतर ही हुए इस हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं। गांव में मातम पसरा हुआ है।
मिलनसार और मृदुभाषी थे मनीष
मनीष श्रीवास्तव अपने सरल, मिलनसार और मृदुभाषी स्वभाव के कारण क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे। अधिवक्ता होने के साथ-साथ वह सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहते थे। उनके निधन की खबर मिलते ही सकलडीहा तहसील के अधिवक्ताओं और हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं में शोक की लहर फैल गई।