जिले में देव दीपावली का पर्व धूम धाम से मनाया गया। सांझ ढलते ही सरोवरों, तालाबों और नदियों के किनारे दीपों से जगमग हो उठे। पूजन अर्चन के बाद सरोवर और नदी के तटों पर दीप दान किया गया। इस नयनाभिराम नजारे को देखने के लिए लोग उतावले रहे।
दीपों की झिलमिलाहट से आसमान के तारे भी मानो शरमाते नजर आए। विद्युत झालरों और दीपों की सजावट देखने के लिए तटों पर लोगों की भीड़ उमड़ी और यहां मेला लगा। इस दौरान जगह जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए। इस दौरान लोगों ने आतिशबाजी भी की।
नगर के मानसनगर स्थित मानसरोवर तालाब पर शाम ढलते ही नगर वासियों ने दीपदान किया। हजारो दीपक जलाकर सरोवर के तट को सजाने के बाद आकर्षक दृश्य उत्पन्न हुआ। इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी। इस दौरान यहां मेला लगा। इसमें चाट, पकौड़ी, आइसक्रीम आदि की खूब बिक्री हुई। युवकों ने यहां आतिशबाजी भी की। इसी तरह सूर्यदेव मंदिर छठ पूजा सेवा न्यास समिति के सदस्यों ने मानसरोवर की तालाब की दुर्दशा को देखते हुए देव दीपावली न मनाकर देश के शहीदों के नाम से 101 दीप जलाकर उन्हें याद किया। यही नहीं समिति के सदस्यों ने तालाब के किनारे बने चबूतरे का निर्माण्, मछली मारने, नशा कर यहां घूमने वाले लोगों को हटाने और इस बावत सूचना पट्ट लगाने, तालाब के बगल में लगे मिक्सर प्लांट को हटाने, तालाब के पानी को समय समय पर बदलने के लिए पंप सेट लगाने की मांग की। इस दौरान कृष्णा गुप्ता, सुजीत कुमार, जितेन्द्र प्रताप, पवन, कृष्ण मोहन, अनिल उपाध्याय, दीपक जायसवाल, धनंजय यादव आदि रहे। इसी तरह जीटी रोड के किनारे दामोदरदास पोखरे पर दीप दान के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। देव दीपावली आयोजन समिति के अलावा नगरवासियों ने भी दीपदान किया और आकर्षक आतिशबाजी की। यहीनहीं इस दौरान यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए। इसी तरह आरपीएफ कालोनी मालगोदाम स्थित पोखरे पर भी दीपों की लड़ियां सजाई गई। इस आकर्षक सजावट देखने को लोगों की भीड़ उमड़ी।