गृह विज्ञान की परीक्षा देती छात्राएं।
यूपी बोर्ड परीक्षा के दूसरे दिन शुक्रवार को भी परीक्षा में अव्यवस्था हावी रही। कक्ष निरीक्षकों की कमी से कई केंद्रों पर एक कक्ष निरीक्षक के सहारे ही परीक्षा कराई गई।
दूसरे दिन की प्रथम पाली में इंटरमीडिएट गृहविज्ञान की परीक्षा में जहां 811 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे वहीं एक भी नकलची नहीं पकड़ा गया। परीक्षा सुबह की पाली में ही थी। यूपी बोर्ड की परीक्षा में शुक्रवार को प्रथम पाली में इंटरमीडिएट गृहविज्ञान की परीक्षा थी। इसमें कुल 5853 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। कुल 5042 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। तमाम कवायदों के बाद भी कक्ष निरीक्षकों की कमी को दूर नहीं किया जा सका था जिससे एक कक्ष निरीक्षकों के सहारे कई केंद्रों पर परीक्षा कराई गई। जिन विद्यालयों में छात्राएं हैं और उन्हें परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है वहां की छात्राएं दूसरे केंद्र पर परीक्षा दे रही हैं और परीक्षा में पारदर्शिता बरती जा रही है। वहीं बहुत सी छात्राओं के परीक्षा केंद्र उन्हीं के विद्यालय में हैं । इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक डा. मालती राय ने कहा कि परीक्षाओं में कक्ष निरीक्षकों की कमी है। जिले के सभी विद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों की कमी है। बताया कि पहले निरीक्षकों में प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को शामिल किया जाता था। 18 मार्च से परिषदीय विद्यालयों की परीक्षा शुरू होने की वजह से कक्ष निरीक्षकों की कमी आ गई है। 24 मार्च के बाद परीक्षकों की कमी दूर कर ली जाएगी। अभी केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिया गया है कि जो सुविधाएं हैं उन्हीं में शुचिता बरकरार रखते हुए परीक्षा कराएं। सख्त निर्देश दिया गया है कि परीक्षा में नकल न हो। पकड़े जाने पर कक्ष निरीक्षकों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।