जमालपुर गांव में जल जीवन मिशन योजना के तहत बन रही पानी टंकी। संवाद
मछलीशहर। तहसील क्षेत्र के 161 गांवों में घर-घर शुद्ध पेयजल पहुँचाने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘जल जीवन मिशन’ योजना फिलहाल बजट की किल्लत और प्रशासनिक उलझनों के कारण दम तोड़ती नज़र आ रही है। साल 2023 में बड़े उत्साह के साथ शुरू किया गया यह प्रोजेक्ट अब अधर में लटक गया है, जिसके चलते योजना को पूरा करने की समय-सीमा बढ़ाकर अब 2028 कर दी गई है। योजना का जिम्मा संभाल रही ‘अपकान’ और ‘बेलेस्पन’ कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती फंड की कमी है। अपकान कंपनी के एजीएम नागेंद्र सिंह के अनुसार, क्षेत्र में किए गए कार्यों का लगभग 500 से 600 करोड़ रुपये का भुगतान अभी भी बकाया है, जबकि अब तक महज 15 से 17 करोड़ रुपये ही मिल सके हैं। बजट न मिलने के कारण ठेकेदारों को पेमेंट नहीं हो पा रहा है, जिससे काम पूरी तरह ठप पड़ा है। फंड के अलावा तकनीकी कारणों से भी काम रुका है। गाँवों में जिंक एलएम टैंक बनाने वाली फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। संबंधित फर्म से सामान लेने पर रोक लगने के कारण टैंक निर्माण का कार्य बीच में ही फंस गया है। वर्तमान में कंपनी केवल उन्हीं 80 गांवों में काम पूरा करने की कोशिश कर रही है, जहां 90 फीसदी निर्माण पहले ही हो चुका है। योजना के तहत प्रत्येक ओवरहेड टैंक के निर्माण पर करीब 64 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि पाइपलाइन बिछाने और नलकूप स्थापना का बजट अलग से निर्धारित है। मार्च 2023 से शुरू हुआ यह काम शुरुआती छह महीने तो तेजी से चला, लेकिन वर्तमान में संसाधनों और पैसे के अभाव ने इसकी रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।