स्थानीय ग्राम पंचायत में साहुपुरी रोड स्थित सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से ग्रामीणों के नाम काटे जाने और शनिवार को प्रधान के आश्वासन पर राशन लेने गए ग्रामीणों के साथ कोटेदार के दुर्व्यवहार से नाराज ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की। चार घंटे तक ग्रामीणों ने दुकान के सामने नारेबाजी की।
आरोप लगाया कि राशन लेने आए ग्रामीणों के साथ धक्का मुक्की की गई है। इससे एक ग्रामीण चोटिल हुआ है। ग्रामीणों ने गांव के तीनों दुकानों की जांच कराने और दुकानों को निलंबित करने की मांग की। गांव में ढाई हजार से अधिक राशन कार्डधारक हैं। गांव में राशन कार्ड के सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकतर ग्रामीणों के नाम गायब कर दिए गए हैं।
शनिवार को प्रधान ने बीच बचाव करते हुए पराने कार्ड पर ही ग्रामीणों को दस दस किलो राशन देने की बात कहते हुए दुकान पर पहुंचने को कहा। आरोप है कि दिन में 11 बजे दर्जनों की संख्या में ग्रामीण साहुपुरी रोड स्थित दुकान पर पहुंच गए, लेकिन यहां कोटेदार प्रभु ने राशन देने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों ने प्रधान को मौके पर बुलाया तो वे भी नहीं पहुंचे।
बाद में कोटेदार अपने बेटे के साथ मिलकर ग्रामीणों को धक्का देकर दुकान से बाहर कर दिया। यही नहीं जबरन दुकान का शटर बंद करने लगा। इससे गांव के ही अब्दुल जब्बार (65) चोटिल हो गए। अब्दुल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इससे उपभोक्ता नाराज हो गए और कोटेदार व प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
आरोप लगाया कि कोटेदार और प्रधान की मिली भगत से उपभोक्ताओं को राशन नहीं दिया जा रहा है। जिन्हें राशन दिया भी जा रहा है उनहें गेहूं सात रुपये, चावल पांच रुपये, चीनी तीस रुपये और जबरन पांच रुपये के चाय की पत्ती के पैकेट थमाए जा रहे हैं। आरोप लगाया कि गांव में तीन कोटेदार हैं और तीनों की यही स्थिति है। प्रदर्शन करने वालों में समीर, अब्दुल रसीद, बसीर, नजीर, गुड्डू कुरैशी, रोशन जहां, बिलकिश, मोहम्मद बारी, सलीम, जब्बार, रूस्तम, वकील अहमद, नौरंगी, हमीदुल निशा, रजिया, जमीलुनिशा, बेलाल साबरी, नाजो बेगम, कमर अब्बास, फजल, अनवरी बेगम सहित डेढ़ सौ ग्रामीण रहे।