पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर की रेलवे कॉलोनियों में बारिश होते ही जल भराव से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। रेलवे के साफ सफाई और पानी निकासी की व्यवस्था के दावे की पोल खुल गई। रेलवे लोको मंडलीय अस्पताल में भी घुटने भर पानी जमा हो गया। इससे यहां भर्ती मरीजों, उनके तीमारदारों के साथ वैक्सीन लगवाने आए लोगों को दिक्कत हुई। अधिकारियों के क्वार्टर भी सुरक्षित नहीं रहे। युरोपियन कॉलोनी में जलभराव के बाद क्वार्टर स पानी निकालने में रेलकर्मी परेशान रहे।
पं. दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल का मुख्यालय पीडीडीयू नगर में है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल में 14722 रेल कर्मचारी कार्यरत हैं। इसमें पांच से सात हजार रेलकर्मचारी और उनके परिवार के लोगों को रहने के लिए 17 रेलवे कॉलोनियों में पांच हजार से अधिक रेलवे क्वार्टर बनाए गए है। यहां लगभग बीस हजार लोग रहते हैं। यूरोपियन कॉलोनी, रोजा कॉलोनी, स्टेशन कॉलोनी, मानसनगर, गया कॉलोनी, अप यार्ड कॉलोनी, सेंट्रल कॉलोनी, लोको कॉलोनी, डीजल कॉलोनी, प्लांट डिपो कॉलोनी से पानी निकासी के लिए नाला बना है। पानी गंदे नाले से जरिए कैली में गंगा नदी में गिरता है। इसी नाले के सहारे नगर पालिका क्षेत्र के सीवर का पानी भी गंगा नदी तक जाता है। नई सट्टी से रौना तक लगभग पांच किलोमीटर लंबे गंदे नाले की सफाई प्रति वर्ष रेलवे कराता है। इस वर्ष जल्दी मानसून की भविष्यवाणी की गई थी। बावजूद इसके समय से नाला सफाई नहीं हुई। बृहस्पतिवार को ईसीआर के जीएम जीएम एलसी त्रिवेदी रेलवे के विकास का जायजा ले रहे थे लेकिन रेलवे कॉलोनी में जलभराव की वजह से वे डीआरएम ऑफिस सभागार से ही निरीक्षण और उद्घाटन की खानापूर्ति की।