जनपद के विकास कार्यों को गति देना मेरी प्राथमिकता है। इस कार्य में
पारदर्शिता होने के साथ-साथ रिकार्ड होना भी जरूरी है। इसमें किसी भी
प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उक्त बातें जिलाधिकारी
सुरेन्द्र विक्रम ने गुरुवार को विकास भवन में प्रधान संघ के सदस्यों व
अधिकारियों से कहीं। उन्होेंने कहा कि जो भी गांव में विकास कार्य हों,
उसका रिकार्ड हर हाल में होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी समय यदि कोई
अधिकारी जांच करें तो उसकी पारदर्शिता स्पष्ट हो सके। सरकारी धन के खर्च का
ब्यौरा ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव व विभागीय अधिकारियों के पास होना
चाहिए।
उन्होने डीपीआरओ को निर्देश देते हुए कहा कि गांवों में जो भी
विकास कार्य हों, उसकी सूची और रिकार्ड सचिव दुरुस्त रखें। साथ ही डीएम ने
ग्राम प्रधानों के अधिकारों के बारे में भी बताया।
कहा कि गांव के विकास के
लिए ग्राम प्रधान अलग-अलग खाता खोलें और उक्त खाते में ग्राम पंचायत से
अर्जित होने वाली राशि को जमा करें और खर्च के दौरान कैशबुक सहित अन्य
कागजात भी पास में रखें।
बीएसए और जिला कार्यक्रम अधिकारी को भी निर्देश
जारी करते हुए कहा कि गांवों में मिड डे मील, आंगनबाड़ी केन्द्रों पर
बच्चों को मिलने वाली शासन की ओर से सुविधाओं की भी जानकारी रखें और प्रधान
इसमें अपनी सहभागिता दिखाएं। साथ ही वहां देखें कि क्या-क्या सुविधाएं हैं
क्या नही हैं, इसकी सूचना पत्र के माध्यम से अवगत कराएं, ताकि उन समस्याओं
का समाधान हो सके। इस अवसर पर पीडी शशिमौलि मिश्रा, जगदीशचन्द्र
त्रिपाठी, घनश्याम पांडेय, मनीष यादव, हरिश्चन्द्र, भोला राजभर, रामप्यारे
आदि लोग उपस्थित रहे।