पीडीडीयू नगर। नगर के नई बस्ती स्थित श्रीकृष्ण लॉन रविवार शाम फाल्गुनी बयार के बीच हास्य, ओज,और शृंगार के कविताओं का रंग जमा। काव्य कैफे में होलियाना मूड के बीच कवियाओं ने अपनी रचनाओं से कभी प्रेम के एहसास जगाई तो ओज से लोगों में जोश भरा गया। देश के जाने माने कवियों ने आधी रात तक काव्य को सरिता बह कभी देशभक्ति की भावना से किया कभी हास्य की कविताओं पर लोगों से ठहाका लगाया राजनीति पर व्यंग बाग छोड़े तो होली से जुड़ी कविताओं पर सोता काव्य सरिता में डुबकी लगाते रहे।अमर उजाला की ओर से आयोजित काव्य कैफे कुछ कविता कुछ का पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल,
स्पांसर जटाधारी पीजी कॉलेज के प्रबंधक डॉ. शिवप्रकाश सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर डॉ. पद्मिनी शर्मा, कवि प्रियांशु गजेन्द्र, डॉ. अनिल चौबे और योगेन्द्र शर्मा को बुके देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संचालन हर्षित गुप्ता ने जबकि काव्य कैफे का संचालन शशिकांत यादव ने किया। करीब चार घंटे तक चले आयोजन में साहित्य, शिक्षा, सामाजिक कार्य, राजनतिक दलों, रेलवे के यूनियन नेताओं के साथ सभ्रांत लोगों और महिलाओं की मौजूदगी रही।
हिंदी के बेटे हिंद का परिवेश न भूलें
शृंगार प्रेम की कवियत्री पद्मिनी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम की शुरूआत की। उन्होंने तुम्हारी कोई मजबूरी अच्छी नहीं लगती गीत से कविता पाठ की शुरूआत की। बीते दिनों की याद में शरमाए हैं दादा, जब से जलोटा के साथ देखी हैं हसीना सुनाकर लोगों से ठहाके लगवाए। इसके साथ तेरे लिए मां बाप का घर छोड़ केआई हूं, हिंदी के बेटे हिंद का परिवेश न भूलें-- सुनाकर लोगों को रसासिक्त किया।
रात रात भर तुमको गाया सुबह छपे अखबार में
कवि प्रियांशु गजेन्द्र ने रपट जाए मोदी तो हो जाए होली, किनारों को छूती लहर वाली होली। कजरारे नैनों से न निहारोगी तो फिर मैं नहीं आउंगा पर दर्शकों ने खूब समर्थन किया। भ्रमरों के नयन में सुमन का नशा है, मेरे डगमगाते कदम तुम न देखो, गुरुकुल की है महारानी मेरी मां है राधा रानी प्रस्तुत किया। रात रात भर तुमको गाया सुबह छपे अखबार में और अवधि गीत सुनाकर लोगों की तालिया बटोरी।
चाइनीज मुंह विच बटन सी आंख तेरी
हास्य व्यंग के कवि डॉ. अनिल चौबे ने कविता की शुरूआत मे कहा कि लोग उनके मुंह पर न जाएं, आधार कार्ड के हिसाब से मुंह रखना पड़ता है-- इस पर खूब ठहाके लगे और तालियां गूंजी। उनकी चुटीली और व्यंगात्मक अंदाज ने लोगों के चेहरों पर हंसी ला दिया। कविता के माध्यम से चीन पर वार करते हुए कहा कि चाइनीज मुंह विच बटन की आंख तेरी---सुनाकर दर्शकों को गुदगुदाया। एक साथ आजाद हुए हम और पाक, हम चांद पर पहुंच गए और वे कश्मीर में घुसने का प्रयास कर रहे हैं, सुनाकर पाकिस्तान पर तंज कसा।
लाल चौक से मिली चुनौती तो घर घर तिरंगा फहरा दिया
काव्य मंच का संचालन कर रहे शशिकांत यादव ने सबसे अंत में बारी आने पर देश भक्ति के गीतों पर लोगों में रोमांच भरा। उन्होंने कविता की शुरूआत जब देश लंगूरों के हाथ लुटने लगा तो कवि बनना पड़ा गीत सुनाकर की। इसके अलावा उन्होंने लाल चौक से मिली चुनौती तो घर घर तिरंगा फहरा दिया सुनाया। वहीं द्रौपदी ने राष्ट्रपति बनकर दिखा दिया सुनाकर महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश की। उन्होंने ऐसा है हिंदुस्तान मेरा सुनाकर लोगों की वाह वाही लूटी।
शब्द शक्ति जागरण अभियान है कविता सुनो
ओज के कवि योगेन्द्र शर्मा ने काव्य की शुरूआत शब्द शक्ति जागरण अभियान है कविता सुनो से की। उन्होंने कश्मीर की आजादी और हेमराज के सिर काटने की घटनाओं का ओजपूूर्ण वर्णन सुनाकर लोगों के रंगों में खून दौड़ा दिया। भारत के गौरव शाली इतिहास और उसमे सुधार के लिए हो रहे प्रयासों को सुनाकर लोगों की वाहवाही लूटी। वहीं वीर अब्दुल हमीद के कहानी सुनाकर श्रोताओं के रोंगटे खड़े करा दिए। लोग भारत माता के जयकारे लगाने लगे।
हमारे सहयोग
काव्य कैफे के ये रहे प्रायोजक जटाधारी पीजी कॉलेज के प्रबंधक डॉ. शिव प्रकाश सिंह, हर्ष मोटर्स से मैनेजर मनोज सिंह, यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल के प्रबंधक सूर्यमुनी तिवारी, अभिषेक ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डॉ. संजय कुमार यादव, जीवक आयुर्वेद मेडिकल रिसर्च सेंटर कॉलेज एवं कॉलेज के डॉ. सुनील कुमार गौतम, मेटिस हास्पीटल के डॉ. आरपी सिंह, गौरव बदर्स के डॉयरेक्टर गौरव, वेन्यू पार्टनर मंजित सिंह, आउटडोर पार्टनर डब्लू राय आदि रहे।
5-पीडीडीयू नगर स्थित श्री कृष्णा पैलेस में दीप प्रज्ज्वलित कर काव्य कैफे का शुभारंभ करते मुख्यअत?- फोटो : CHANDAULI
6-पीडीडीयू नगर स्थित श्री कृष्णा पैलेस में काव्य पाठ का लुत्फ उठाते श्रोता। संवाद- फोटो : CHANDAULI