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पुराने कर्मनाशा पुल पर आवाजाही

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नौबतपुर में कर्मनाशा नदी पर बने ब्रिटिश पुल पर आवागमन शुरू। - फोटो : CHANDAULI
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सैयदराजा। कर्मनाशा नदी पर नौबतपुर में ब्रिटिश काल में बने पुल की लोड टेस्टिंग और रंग रोगन का कार्य पूरा होने के बाद मंगलवार को इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया। इसके खुल जाने से लोगों को आसानी हो गई है। दूसरी तरफ छह माह पहले क्षतिग्रस्त पुल के दक्षिण की तरफ बन रहे स्टील के पुल के निर्माण भी तेजी से चल रहा है। इससे आशा है कि आने वाले मानसून में लोगों को राहत मिलेगी। यूपी को बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा से जोड़ने के लिए कर्मनाशा नदी पर बना फोर लेन का पक्का पुल 28 दिसंबर 2019 को क्षतिग्रस्त हो गया था। इससे एनएच टू पर यूपी का संपर्क अन्य राज्यों से कट गया। एनएचआई ने युद्ध स्तर पर काम करके 15 दिन में क्षतिग्रस्त पुल के दोनों तरफ़ अस्थायी पुल का निर्माण कराया। इसके बाद आवागमन शुरू हो गया। यही नहीं पक्के पुल की मरम्मत का काम भी शुरू किया गया लेकिन लॉकडाउन की वजह से मरम्मत में देरी हो रही है। वहीं अस्थायी पुल की ऊंचाई अधिक न होने से बारिश होते ही नदी में पानी का स्तर बढ़ते ही पुल के डूबने का खतरा है। इसको देखते हुए ब्रिटिस काल में बने पुराने पुल की मरम्मत कर चालू करने की योजना बनाई गई। पुल की मरम्मत कर लोड टेस्टिंग 27 मई को करा लिया गया। रंग रोगन का कार्य सोमवार को पूरा हो गया। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने इसी पुल पर बिहार राज्य सरकार की ओर से प्रवासी मजदूरों के लिए लगाया गए कैंप को हटा लिया। पूरी तैयारी के बाद मंगलवार की सुबह से पुलिस ने बैरिकेडिंग हटाकर इसे आम लोगों के आवागमन के लिए खोल दिया। इस पुल की लोड क्षमता 50 टन है। अर्थात 50 टन तक का लोड लेकर गाड़ियां गुजरेगी। इस तरह वर्तमान में यूपी से बिहार की तरफ जाने के लिए अस्थायी पुल और पुराना पुल दोनों चालू हो गया जबकि बिहार से यूपी में आने के लिए अस्थायी पुल ही चालू है।
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