क्षेत्र के पईं गांव में संत सुखरामदास मुसहरवा बाबा के दिशा निर्देश में
आयोजित अतिविष्णु महायज्ञ के पहले दिन गुरुवार को धूमधाम से कलश यात्रा
निकाली गई।
इस दौरान पीला वस्त्र धारण की हुई 108 कन्याओं व अन्य
ने सिर पर कलश रखकर पहले यज्ञ मंडप की परिक्रमा की। उसके बाद पूरे गांव का
भ्रमण किया। फिर यात्रा जमानियां के बड़ेसर घाट पर गंगाजल भरकर वापस यज्ञ
मंडप में पहुंची। इस दौरान श्रद्धालु भगवान विष्णु की जय, मुसहरवा बाबा की
जय घोष करते चल रहे थे।
गौरतलब है कि पईं गांव निवासी श्रीमती भागीरथी
ट्रस्ट आदर्श संस्कृत महाविद्यालय टेकऊर चुनार मिर्जापुर के प्राचार्य रहे
पंडित हरिवंश चतुर्वेदी ने विश्व के कल्याण के लिए विष्णु यज्ञ, महा
विष्णु यज्ञ और अतिविष्णु महायज्ञ कराने का संकल्प लिया था।
अपने जीवनकाल
में उन्होंने दो महायज्ञ तो पूर्ण करा लिए, लेकिन अतिविष्णु महायज्ञ कराने
से पूर्व ही उनका निधन हो गया। अब उनके संकल्प को पूरा कराने के लिए उनके
छोटे पुत्र वीरेंद्र चतुर्वेदी द्वारा क्षेत्रीय लोगों के सहयोग से पईं
गांव स्थित ठाकुरबाड़ी में अतिविष्णु महायज्ञ का आयोजन कराया जा रहा है। यह
यज्ञ संत सुखराम दास मुसहरवा बाबा के निर्देश पर कराया जा रहा है।
यज्ञ
के उपलक्ष्य में आज चुनार से आए ग्यारह विद्वानों ने वेदमंत्रों के
उच्चारण के बीच कलश यात्रा प्रारंभ कराई। शुक्रवार को मंडप प्रवेश का
कार्यक्रम संपन्न होगा। शुक्रवार की शाम साढ़े छह बजे से साढ़े आठ बजे तक
भागवत भ्रमर पंडित कैलाशपति त्रिपाठी द्वारा श्रोताओं को संगीतमय भागवत कथा
का रसपान कराया जाएगा। गाजे-बाजे के साथ निकली कलश यात्रा से पूरा क्षेत्र
भक्तिमय हो गया।
इस दौरान ओमप्रकाश सिंह, चिरकुट सिंह, रामप्रकाश गुप्ता,
नारद बाबा, अजय सिंह, मोहन बिंद, बालिस्टर यादव, आंचल राय, गुल्लन राय,
सुरूज यादव, रामप्रकाश राय आदि लोग मौजूद रहे।