उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के बैनर तले विगत सात दिनों से
कार्य बहिष्कार कर रहे जूनियर इंजीनियरों ने गुरुवार से
अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दिया।
डाक बंगला परिसर में
आयोजित सभा में कर्मचारियों ने कहा कि सरकार जूनियर इंजीनियरों के साथ
सौतेला व्यवहार कर रही है। जब तक प्रमोशन और पुरानी पेंशन नीति बहाल
करने की मांग स्वीकार नहीं कर ली जाती, हड़ताल जारी रहेगी।
कर्मचारियों
ने कहा कि जूनियर इंजीनियरों को प्रमोशन न मिलना सरकार की नीयत में खोट
प्रकट करता है।
वक्ताओं ने कहा कि जूनियर इंजीनियर जनता की सेवा में अपना
जीवन समर्पित कर देते हैं, बावजूद इसके सरकार उनकी सेवा पर ध्यान नहीं
देती है। उन्हें सात, 14 और 20 वर्ष में तीन पदों पर प्रमोशन मिलना चाहिए।
वेतमान की विसंगतियां दूर की जानी चाहिए। वक्ताओं ने कहा जूनियर
इंजीनियर्स को शासन की नीतियों के अनुरूप भौतिक रूप से तीन पदोन्नतियां
प्रदान करने के लिए पृथक दीर्घा, सेपरेट गेलरी के रूप में 50 फीसद
प्रोन्नति कोटा दिया जाए। कंट्रीब्यूटरी पेंशन व्यवस्था समाप्त कर पुरानी
पेंशन व्यवस्था को बहाल की जाए या कंपनियों, पूंजीपतियों के स्थान पर
सरकार द्वारा पैसे का रखरखाव पूर्व की भांति की जाए और न्यूतम पेंशन
निर्धारित की जाए।
वक्ताओं ने एक जनवरी 2006 के पुनरीक्षित छठे वेतन आयोग
के वेतन के एरियर भुगतान की मांग की। इस दौरान पीआर यादव, रविंद्र
श्रीवास्वत, अवधेश चौहान, संतोष कुमार, राजेश कुमार आदि रहे।
रजायसवाल,
प्रताप सिंह, जमुना प्रसाद यादव, एके त्रिपाठी, एसडी मिश्रा, जेबीएस
यादव, एनके शुक्ला, धर्मेंद्र जायसवाल आदि मौजूद थे। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष
आरके सिंह और संचालन जीउत राम विश्वकर्मा ने किया।