पीडीडीयू नगर। सावन माह के चौथे और आखिरी सोमवार को भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए शैव उपासकों का रेला शिवालयों में उमड़ा। पूरा जिला ही शिवभक्ति में रंगा नजर आया। हर तरफ हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारे लग रहे थे। आखिरी सोमवार होने से शिवालयों को फूल-मालाओं और विद्युत झालरों से भव्य तरीके से सजाए गए। शाम को भगवान शिव की विशेष आरती की गई और भजन कीर्तन किया गया। सुबह डीएम नवनीत सिंह चहल और एसपी हेमंत कुटियाल ने बाबा कालेश्वर धाम में मत्था टेका। साथ ही अधीनस्थों एसडीएम प्रदीप कुमार, सीओ कुंअर प्रभात सिंह के साथ सुरक्षा व्यवस्था देखी और मेला का जायजा लिया।
आखिरी सोमवार को शिव भक्ति का अलग ही रंग दिखा। सोमवार की भोर से ही शिव भक्त शिवालयों में पहुंच गए। मंदिर के गर्भगृह का द्वार खुलते ही भक्तों ने बोल बम के नारे लगाए। गर्भगृह में पहुंच कर शिवलिंग का जलाभिषेक किया। पीडीडीयू नगर के कैलाशपुरी, शाहकुटी, काली महाल, चतुर्भुजपुर, नई बस्ती, अलीनगर, सुभाषनगर, चंदासी, रविनगर मुहल्लों के साथ रेलवे क्षेत्र के आरपीएफ कॉलोनी, गाया कॉलोनी, मानसनगर, डीजल कालोनी, प्लांट डिपो सहित अन्य कालोनियों में स्थित मंदिर पर भोर से ही जलाभिषेक के लिए महिला पुरुषों की भीड़ उमड़ी। शाम के वक्त शिवालयों में भगवान शिव का विशेष शृंगार किया गया और आरती उतारी गई। इस मौके पर भजन कीर्तन का आयोजन किया गया। इसी तरह नियामताबाद, बबुरी, शहाबगंज, चकिया, चहनियां, धानापुर, कमालपुर में शिवालयों में विशेष पूजन अर्चन किया गया। इलिया संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के कलानी, भीटिया, खरौझा शिव मंदिर पर दर्शन पूजन करने वालों लाइन लगी रही।
शिकारगंज। सावन माह के अंतिम सोमवार को महर्षि याज्ञवल्क्य की तपोभूमि एवं चंद्रप्रभा नदी के तट पर बाबा जागेश्वरनाथ के स्वयं-भू शिवलिंग के दुग्धाभिषेक, जलाभिषेक के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ा। दर्शन-पूजन के बाद श्रद्धालुओं ने बाटी-चोखा, चावल-दाल, चूरमा का आनंद उठाया। इसी तरह नगर के मां काली मंदिर के गर्भगृह में स्थापित दीपेश्वर, उदितेश्वर, प्रसिद्धेश्वर शिवलिंगों के पूजन अर्चन के लिए लोगों का सैलाब उमड़ा।
सकलडीहा। सावन के तीसरे सोमवार को स्वंय भू कालेश्वर महादेव मंदिर पर जलाभिषेक के लिए कांवरियों की भीड़ जुटी। कांवरियों के साथ व्रती महिलाओं ने विधि विधान से जलाभिषेक के बाद बेलपत्र, फल, फूल, भांग, धतूरा से भगवान शिव शृंगार किया और आरती उतारी। कावरियों की सुरक्षा को लेकर कालेश्वर महादेव मंदिर पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम रहे। रेलवे लाइन के किनारे मंदिर होने की वजह से रेलवे ने ट्रेनों को काशन पर चलाया।