पीडीडीयू नगर। ‘बेटी-बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत राष्ट्रीय बालिका दिवस पर रविवार को बेटियों को आगे बढ़ाने और समाज में मजबूती के साथ खड़ी हो सकें इसके लिए उन्हें एक दिन की विभिन्न पदों पर अहम जिम्मेदारी दी गई। डीआईओएस कार्यालय में एक दिन के लिए इसी साल इंटर पास छात्रा जैनब परवीन को सांकेतिक जिला विद्यालय निरीक्षक बनाया गया। छात्रा सुबह 10 बजे कार्यालय पहुंचकर पदभार संभाला और कामकाज निबटाया। बोर्ड परीक्षा की तैयारियों के बाबत अधीनस्थों से जानकारी ली और समय से काम निस्तारण की हिदायत दी।
जैनब परवीन ने कहा कि डीआईओएस जैसे पद की अहम जिम्मेदारी संभालने पर गौरवान्वित महसूस कर रही हूं। शिक्षा विभाग की बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों से बालिकाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा और जीवन में सीखने का मौका मिलेगा। वहीं लाल बहादुर शास्त्री बालिका इंटर कॉलेज में इंटर की परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली छात्रा अर्पिता सिंह को एक दिन का प्रधानाचार्य बनाया गया। अपने एक दिन के कार्यकाल में अर्पिता ने कॉलेज की पासआउट छात्राओं को टीसी प्रदान करने के साथ उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
अर्पिता ने कहा कि एक दिन के लिए प्रधानाचार्य बनने के बाद उन्हें काफी अच्छा लग रहा है। इसके साथ ही जिम्मेदारी का अहसास भी हो रहा है। सलाह के रूप में कहा कि छात्र-छात्राओं में अनुशासन के साथ स्पोर्ट्स की गतिविधियों का होना जरूरी है। खेलकूद से उनका शारीरिक व मानसिक विकास होता है। शिक्षा के स्तर में सुधार पर कहा कि वर्तमान शिक्षा प्रणाली में परिवर्तन की आवश्यकता है। केंद्र सरकार की ओर से लाई गई नई शिक्षा नीति की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसे शीघ्र लागू करना चाहिए। अंत में कहा कि आज का दिन उनके जीवन का अविस्मरणीय दिन है। कॉलेज की प्रधानाचार्या आभा सिंह ने कार्यों के संपादन में उनका सहयोग करते हुए कहा कि अर्पिता ने अपने कार्य को समझते हुए बखूबी अंजाम दिया है। इस मौके पर शिक्षिका श्वेता सिंह, संगीता, वेंदना वर्मा, विभा, अर्चना, कावेरी के साथ कार्यालय सहायक उषा सिंह, शिवनाथ राय, संजीव आदि मौजूद थे। इसी तरह आदित्य नारायण इंटर कालेज में सुनीता यादव, दु्र्गावती बालिका इंटर कालेज में रागिनी मिश्रा और भृगुनाथ सिंह इंटर कालेज में स्नेहा सिंह ने जिम्मेदारी संभाली।
बालिका दिवस पर बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें एक दिन के लिए डीआईओएस और प्रधानाचार्य जैसे अहम पदों पर बैठाया गया। सांकेतिक अधिकारी और प्रधानाचार्य के रूप में कुर्सी पर बैठी बेटियों ने अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन किया। डॉ. विनोद कुमार राय, डीआईओएस, चंदौली।