बाबा जय गुरुदेव संगत के तत्वावधान में रविवार को कर्म मुक्ति प्रचार
अभियान का समापन मुख्यालय स्थित एक विद्यालय परिसर में हुआ। इस दौरान लोगों
को शाकाहार अपनाने पर जोर दिया गया, वहीं गौ हत्या करने वालों को फांसी की
सजा देने की मांग की गई।
इस मौके पर नरोत्तम प्रसाद दीक्षित
ने कहा कि अपने शरीर, आत्मा और संसार के कल्याण के लिए सबको शुद्ध शाकाहारी
बनना होगा। सृृष्टि का नियम है कि जैसे कर्म होते हैं वैसा ही फल मिलता
है। उन्होंने अंडा, मांस, मछली और मदिरा के सेवन से दूर रहने का लोगों से
आह्वान किया।
कहा कि गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित कराने के
लिए प्रधानमंत्री को पत्र प्रेषित करें। कहा कि अपनी माता, धरती माता और गौ
माता के दुख को दूर करना ही उनके पुत्रों का कर्तव्य है। कहा कि शराब,
अपराध व भ्रष्टाचार की जननी है। सरकार देश में शराब बिक्री पर प्रतिबंध लगा
दे तो अपराध व भ्रष्टाचार 50 प्रतिशत कम हो जाएगा।
कहा कि देश में
ऐसा कानून बना दिया जाए, जिसके तहत गौ हत्या करने वालों को फांसी की सजा
दी जा सके। इससे पूर्व सुबह नगर में प्रभातफेरी निकालकर लोगों को शाकाहार
अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर डा. शरद चंद श्रीवास्तव, कमलेश सिंह, मोहन तिवारी, दिनेश तिवारी, लक्ष्मण, मिठालू, श्यामनारायण, सुंदर आदि उपस्थित रहे।