मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला की अध्यक्षता में शुक्रवार को विकास भवन सभागार में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के मुद्दे पर बैठक हुई। इसमें छात्र-छात्राओं का आवेदन न करने वाले कॉलेजों को चेतावनी दी गई।
हर हाल में एक सप्ताह में सभी लंबित आवेदनों को अग्रसारित करने का निर्देश दिया गया। 25 दिसंबर तक अग्रसारण न करने पर मान्यता प्राप्त विद्यालयों की मान्यता समाप्त करने और राजकीय स्कूलों के प्रधानाचार्य का वेतन रोकने का निर्देश दिया।
सीडीओ ने कहा कि छात्रवृत्ति योजनाओं में लगातार सामने आ रही लापरवाही ठीक नहीं है। जिन शैक्षणिक संस्थानों शिथिलता की वजह से पात्र छात्र छात्रवृत्ति से वंचित होंगे, उनके खिलाफ अब ठोस कार्रवाई भी की जाएगी।
कहा कि स्कूल प्रबंधन संबंधित छात्रों से तत्काल संपर्क स्थापित करें। उनके अभिलेखों का सत्यापन कराएं और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से पूरा कराएं। उन्होंने बताया कि 40 कॉलेजों की लापरवाही से अभी 1800 के करीब आवेदनों का आवेदन अग्रसारित नहीं हो सका है। सभी कॉलेजों को हर हाल में एक सप्ताह में लंबित आवेदनों को निस्तारित करने का निर्देश दिया।
इस मौके पर प्रभारी समाज कल्याण अधिकारी शत्रुघ्न कन्नोजिया, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रमेश चंद्र, डीआईओएस अंशुमान संग शैक्षणिक संस्थानों के नोडल अधिकारी व प्राचार्य उपस्थित रहे।