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Chandauli News: मृतकों के मुआवजे की रकम 30 लाख करने के निर्देश

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पीडीडीयू नगर। पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर में मई 2024 में सेफ्टी टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस से चार लोगों की मौत के मामले में मानवाधिकार आयोग ने सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी को निर्देश दिया है कि मृतकों के परिजनों को मिले मुआवजा की रकम चार लाख से बढ़ाकर 30 लाख किया जाए।
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पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर के लाठ नंबर दो में एक मकान में सेफ्टी टैंक की सफाई करते समय जहरीली गैस की चपेट में आकर तीन सफाई कर्मियों काली महाल निवासी विनोद रावत, कुंदन रावत, और लोहा की मौत हो गई थी। वहीं मजदूरों के बचाने के चक्कर में भवन स्वामी भरत जायसवाल का पुत्र भी टैंक में गिर कर काल के गाल में समा गया।
इसके पूर्व प्रशासन की ओर से परिवार वालों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा दिया गया था। मानवाधिकार सीडब्लूए के चेयरमैन योगेंद्र कुमार सिंह (योगी) ने मामले की शिकायत मानवाधिकार आयोग से करते हुए मृतकों के परिवार वालों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की थी। इस मामले की सुनवाई करते हुए मानवाधिकार आयोग ने पाया कि मैन्युअल स्कैवेंजर के रोजगार पर रोक और उनके पुनर्वास अधिनियम 2013 और एससीएसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के उल्लंघन के तहत कोई मामला दर्ज नहीं किया गया था। आयोग ने कहा कि मैन्युअल स्कैवेंजिंग या सीवर और सेप्टिक टैंक की खतरनाक सफाई में लगे व्यक्तियों के मानवाधिकारों की सुरक्षा पर की एडवाइजरी का पालन नहीं किया गया है। योगेंद्र कुमार सिंह योगी ने बताया कि 31 दिसंबर को फिर से मामले की सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा कि 4 लाख मुआवजे के भुगतान को बढ़ाकर 30 लाख रुपये क्यों न किया जाए।
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