कृषि एवं ग्रामीण विकास के उत्थान में प्रयत्नशील गैर शासकीय संगठन फाउंडेशन फॉर एडवांसमेंट ऑफ एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (फार्ड) की ओर से रविवार को धानापुर क्षेत्र के खड़ान गांव में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें 120 किसानों ने प्रतिभाग किए। शिवनंदम फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के निदेशक रमेश सिंह ने गोष्ठी का शुभारंभ किया।
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक व अध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह ने किसानों को धान के सीधी बुआई के बारे में बताया। साथ ही सुपर सीडर व हैप्पी सीडर के फायदों की जानकारी दी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राजेश सिंह ने फार्ड फाउंडेशन के कार्यों के बारे में बताया। फार्ड फाउंडेशन के ट्रस्टी डॉ. उमेश सिंह ने किसान गोष्ठी कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्य की विस्तृत जानकारी दी। वहीं कृषि विज्ञान संस्थान (बीएचयू) के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. आरएम सिंह ने किसानों को धान की सीधी बुआई की जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. पंजाब सिंह ने बताया कि अब धान की रोपाई के लिए श्रमिकों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। रोपाई का काम अब कम लागत में मशीन करेगी। इससे किसानों की आय में इजाफा होगा। अंत में एलाइविंग सॉल्यूशन प्राइवेट कंपनी के डॉयरेक्टर गौरव सिंह ने गांव में राइस ट्रांसप्लांटर द्वारा धान की रोपाई कर किसानों को दिखाया। इस मौके पर डॉ. उमेश सिंह, प्रो रमेश चंद्र, एसके सिंह, दशरथ सिंह, राजेश सिंह, श्रीराम सिंह सहित किसान अंजनी सिंह, बचाऊ सिंह, ओमप्रकाश सिंह, पिंटू शर्मा, मनोज सिंह, राजवंश सिंह, काशीनाथ सिंह, रमेश सिंह, श्रीराम सिंह आदि रहे। संचालन व प्रबंधन बीएचयू के पर्यटन प्रबंधन विभाग के डॉ. अनिल कुमार सिंह ने किया।
एक लाख रुपये में मिलेगी मशीन
धान की रोपाई करने की मशीन की कीमत एक लाख रुपये निर्धारित की गई है। यह बैटरी और इंजन दोनों से चलेगी। किसान अपने खेतों की रोपाई के साथ ही अन्य कृषकों के खेतों की भी मशीन से रोपाई कर आय बढ़ा सकते हैं। वर्ष 2024 से मशीन मार्केट में आसानी से उपलब्ध होगी।
वाराणसी स्थित अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के डॉ. गोपाल कृष्ण पांडेय ने किसानों को धान की सीधी बुआई से लेकर कटाई तक की जानकारी दी। बताया कि 28 जून, 2023 को अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान द्वारा जिले के नेगुरा गांव में धान की सीधी बुआई का किसान के खेत पर प्रदर्शन किया गया था।