शिकारगंज । गढ़वा गांव को राजस्व गांव का दर्जा दिए जाने, ग्राम सभा बलिया खुर्द तथा जोगिया कला में वनाधिकार कानून के तहत दाखिल दावों की अतिशीघ्र सुनवाई किए जाने की मांग करते हुए क्रमिक भूख हड़ताल शनिवार को अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल में तब्दील हो गई। वक्ताओं ने कहा कि अधिकारियों से वार्ता विफल होने के बाद संगठन को यह रुख अख्तियार करना पड़ा है।
भाकपा (माले) नेता तथा अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के जिला उपाध्यक्ष कामरेड विजई राम ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठते हुए कहा कि आठ जुलाई को एसडीएम चकिया प्रेम प्रकाश मीणा से वार्ता तो हुई किंतु उनकी तरफ से मांगों पर ठोस कार्यवाही करने के आश्वासन की जगह गांव में आने की बात कही गई। लेकिन बकाया मजदूरी के भुगतान और नाली निर्माण के मामले में कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ। इस दौरान भाकपा(माले)राज्य सचिव कामरेड सुधाकर यादव ने कहा कि वनवासियों को उनका अधिकारी नहीं दिया जा रहा है। भाकपा(माले)जिला सचिव अनिल पासवान ने कहा की अब यह लड़ाई आर-पार की शुरू हो गई है, प्रशासन या तो हमारी मांगों को पूरा करें या हमें जेल भेजे। इस दौरान भाकपा(माले)जिला स्थाई समिति सदस्य नियमताबाद ब्लॉक प्रभारी रामदुलार बिंद,शिवमूरत राम, विदेशी राम, शिव चौहान, विदेशी राम, लल्लन देवी, अनिता, दुर्गावती देवी, मंजू,रिंकी, ममता चौहान, अर्चना चौहान सहित तमाम लोगों ने संबोधित किया। संचालन इनौस जिला संयोजन समिति सदस्य रमेश चौहान तथा अध्यक्षता मधुसूदन चौहान ने की।