जनपद में खुले रहे मात्र चार एटीएम
बैंकों की दो दिनों की बंदी और एटीएम की धोखाधड़ी ने लोगों को पाई पाई के लिए मोहताज कर दिया है। स्थिति यह है कि बैंक एकाउंट में पैसे भरे हैं लेकिन खर्च करने के लिए पैसे नहीं है। रविवार को भी जनपद में मात्र चार एटीएम ही खुले रहे। अन्य एटीएम पर या तो ताला लटकते रहे या कैश नहीं है के बोर्ड लग रहे। लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।
आठ नवंबर को पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंदी घोषणा के साथ ही प्रधानमंत्री ने एटीएम से प्रतिदिन दो हजार के निकासी की घोषणा की थी लेकिन एटीएम के साफ्टवेयर में जरूरी संशोधन न होने की वजह से अधिकतर बैंकों के एटीएम अभी तक काम नहीं कर रहें हैं। बैकों में भी पैसा कम होने की वजह से अधिकारियों ने जमा निकासी के लिए सीमा निर्धारित कर दी है।
इस बीच शनिवार और रविवार को बैंकों की छूट्टी होने से बैंक बंद रहे। लेकिन रविवार को एटीएम ने भी धोखा दे दिया। कल तक जो एटीएम चल भी रहे थे, उस पर भी ताला लटक गया। नगर में स्टेट बैंक आफ इंडिया की परमार कटरा के सामने स्थित शाखा को छोड़ कर अन्य सभी शाखाओं पर ताला लटकता मिला। लगन के मौसम में छोटे छोटे खर्चे के लिए भी लोगों को एक दूसरे के सामने हाथ फैलाना पड़ा। पूरे जनपद का यही हाल रहा।
पूरे जनपद में 74 एटीएम शाखाएं हैं लेकिन रविवार को मात्र चार एटीएम ही काम करते रहे। एटीएम पर पहुंचे रवि कुमार, चंदन, मोहित आदि ने बताया कि छूट्टी होने की वजह से एक मात्र सहारा एटीएम ही रह गए लेकिन यहां भी पैसा नहीं मिला। स्टेट बैंक की एटीएम शाखा पर पहुंचे सुनील कुमार ने बताया कि बच्चे का जन्मदिन है लेकिन गिफ्ट खरीदने के लिए भी पैसे नहीं है। समझ में नहीं आ रहा है कि क्या किया जाए। यह समस्या कब तक बनी रहेगी कहा नहीं जा सकता।