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Chandauli News: एक से अधिक सर्पदंश के मामले आए तो एंटी वेनम का करना होगा इंतजार

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राकेश चंद्र यादव
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चंदौली। मानसून शुरू होते ही जिले में सर्पदंश के मामले बढ़ जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि सर्पदंश से पीड़ित लोगों के इलाज के लिए सभी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में एंटी वेनम मौजूद हैं।
दूसरी तरफ स्थिति यह है कि यदि ग्रामीण क्षेत्र में एक से अधिक को सांप काट ले तो अस्पताल में उसे एंटी वेनम स्टोर से आने का इंतजार करना पड़ेगा।
कारण है कि सभी पीएचसी पर मात्र 20-20 वायल एंटी वेनम है, जबकि आम तौर पर सर्प दंश के शिकार को 10 से अधिक वायल एंटी वेनम की डोज लगानी पड़ती है। यही कारण है कि बबुरी के हसनपुर कम्हरिया गांव में 19 जून को सर्पदंश की शिकार सरिता को अस्पताल में एंटी वेनम के कई वायल खर्च करने के बाद भी नहीं बचाया जा सका।
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सर्पदंश को लेकर अभी भी गांवों में तमाम तरह की भ्रांतियां हैं। लोग चिकित्सा से अधिक झाड़-फूंक पर भरोसा करते हैं। इसके चक्कर में पीड़ित की हालत खराब होने लगती है, तब अस्पताल ले जाने की याद आती है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की माने तो सर्पदंश के शिकार के इलाज की पूरी तैयारी है। लेकिन पीएचसी पर एंटी वेनम जरूरत से कम हैं।
यदि आंकड़ों की बात करें तो वर्ष 2024 में सर्पदंश के 80 मामले आए थे। इसमें नौ लोगों ने इलाज में देरी के कारण दम तोड़ दिया। वहीं इस वर्ष जून में अब तक पांच लोगों को सांप ने काटा था।
सर्पदंश की शिकार विशाखा तिवारी, हीरा देवी और धर्मेंद्र कुमार को प्राथमिक उपचार के बाद वाराणसी रेफर कर दिया गया। जहां नेहा को बचा लिया गया। वहीं सरिता की जान नहीं बच सकी। स्वास्थ्य विभाग की माने तो विभाग के स्टोर में 885 वायल एंटी स्नेक वेनम का स्टॉक मौजूद है।
जिला अस्पताल में 83 वायल दवा दी गई है। यहां इस साल सांप काटने के चार मामले आ चुके हैं। इसमें 35 वायल दवा खर्च हो चुकी है। अभी भी 48 वायल दवा यहां मौजूद है। वहीं सभी नौ पीएचसी पर 20-20 वायल एंटी वेनम भेज दिए गए हैं।
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चिकित्सकों के अनुसार सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति को ठीक करने में एक से 20 वायल तक दवा खर्च हो सकती है। यह सर्प के विष और उसके काटने के तरीके पर निर्भर करता है। यदि हल्का दंश रहता है तो एक-दो वायल में ही सुधार हो जाता है,लेकिन गंभीर पीड़ितों को ठीक करने में अधिक वायल लग सकते हैं।
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