प्रदेश सरकार के निर्देश पर वन विभाग की ओर से शुक्रवार को जंगली इलाकों में बर्ड फेस्टिवल मनाया गया।
इसके
तहत चुनिंदा इलाकों में पक्षियों की पहचान कराई गई और स्कूली बच्चों को
विभिन्न पक्षियों के बारे में बताया गया। इस दौरान पक्षियों के संरक्षण पर
बल दिया गया। बताया गया कि पक्षियों के विलुप्त होने से हमारा पर्यावरण भी
सुरक्षित नहीं रह पाएगा और यह मानव जीवन के लिए खतरनाक होगा।
शिकारगंज
क्षेत्र में चकिया, चंद्रप्रभा और राजपथ रेंज के संयुक्त तत्वावधान में
शुक्रवार की सुबह छह बजे से आठ बजे तक लतीफशाह बीयर स्थित कौडिहार गांव में
बर्ड फेस्टिवल मनाया गया। इस दौरान स्कूल के बच्चों को विभिन्न पक्षियों
की पहचान करायी गई।
इसी तरह चंद्रप्रभा बांध पर इफ्रा मंडल पब्लिक स्कूल और
जयमोहनी विद्यालय के बच्चों को विदेशी देशी , विदेशी प्रजाति की पक्षियों
में बगुला, सुरखाब, पनडुब्बी, बतख, लेदी, जौधी आदि पक्षियों की पहचान करायी
गई।
इस दौरान पक्षियों के महत्व को रेखांकित किया गया और इनके संरक्षण पर
बल दिया गया।
चंद्रप्रभा रेज के ताराशंकर शुक्ला ने बताया कि प्रति
विद्यालय के दस बच्चों की टोलियां बनाकर विटनेस और आडिटर के रूप में
अध्यापकों के सहयोग से पक्षियों के बारे में जागरूक किया जाए।
इस अवसर पर
वन विभाग के राजपथ रेंजर नंदलाल कुशवाहा, ताराशंकर शुक्ला, अखिलेश चौबे,
रामआशीष, जयप्रकाश, फिरोज गांधी, मुश्ताक खान आदि रहे।
चहनियां इलाके
के अजगरा पलिया स्थित वन विभाग की ओर से कराए गए पौधरोपण के स्थान पर बर्ड
फेस्टिवल के मौके पर पक्षियों की गणना की गई।
इस दौरान वन विभाग के रेंजर
खालिक अहमद ने आसपास के चिड़ियों की गिनती कराई।
इस दौरान पलिया स्कूल के
बच्चों को पक्षियों की पहचान कराते हुए बताया कि पक्षी हमारे पर्यावरण को
संरक्षित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। देखभाल के अभाव में ये विलुप्त
हो रहे हैं।
इस अवसर पर वन दरोगा सुनील श्रीवास्तव मनोज कुमार, राजनाथ आदि
रहे।