पीडीडीयू नगर। सावन में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को शुद्ध खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बुधवार को जांच अभियान चलाया। टीम ने औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 स्थित खाद्य निर्माण इकाइयों की जांच कर खाद्य पदार्थों के नमूने लिए।
इसके अलावा हाईवे किनारे स्थित ढाबों और होटलों में भी जांच कर सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने गणेश कंज्यूमर प्रोडक्ट्स इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में निरीक्षण के दौरान सूजी, गेहूं का आटा, गेहूं का दलिया, बेसन, सत्तू और मैदा के नमूने संकलित किए।
इसके अलावा इसी क्षेत्र में स्थित बिंदु एग्रो इंडस्ट्रीज में तैयार किए जा रहे मक्का की सूजी और मक्का के आटे का भी नमूना लिया गया। सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
विभाग की ओर से हाईवे किनारे स्थित ढाबों और होटलों का भी निरीक्षण किया जा रहा है। संचालकों को साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही सावन कांवड़ यात्रा को देखते हुए ढाबों और होटलों में किसी भी प्रकार के नॉनवेज खाद्य पदार्थों की बिक्री नहीं करने के लिए भी निर्देशित किया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से होटल और ढाबों में ग्राहक संतुष्टि फीडबैक के लिए विशेष स्टीकर भी लगाए जा रहे हैं।
इन स्टीकरों पर दी गई जानकारी के माध्यम से ग्राहक खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, सुविधा और किसी भी शिकायत के संबंध में अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं।
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सावन माह में श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच की जा रही है। मिलावटखोरी या नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस मौके पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमल निवास त्रिपाठी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरविंद कुमार और रणधीर सिंह यादव शामिल रहे। संवाद