मंडल लोको अस्पताल में मंगलवार को कैंटीन संचालक द्वारा सुलह समौझते के
ग्यारह हजार रुपए दो कर्मचारियों से जबरन मांगे जाने के विरोध में सभी
अस्पताल कर्मियों ने कार्य ठप कर दिया।
इसके बाद उच्चाधिकारियों से
मिलकर अस्पतालकर्मियों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराया। जिसपर अधिकारियों
ने जांचकर कैंटीन संचालक के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया तब जाकर
मध्याह्न लगभग साढ़े बारह बजे कार्य आरंभ हो सका।
सोमवार की रात
विक्रमशिला एक्सप्रेस ट्रेन से नई दिल्ली जा रहे धीरज गुप्ता के पुत्र
मृणमानव की तबीयत ट्रेन में ही बिगड़ गई। ट्रेन के मुगलसराय पहुंचने के बाद
उसने इसकी सूचना डिप्टी एसएस को दी। जिसके बाद मंडल लोको अस्पताल से
एंबुलेस चालक छोटू, सफाईकर्मी बसन्त रावत और ड्रेसर रघुनंदन स्टेशन पहुंच
गए और मरीज को उसके सामान समेत अस्पताल ले आए, जहां चिकित्सक ने उसका का
इलाज शुरू कर दिया।
मरीज के पारिवारिकजनों ने अपने सामान से कीमती चश्मा
गायब देख अस्पताल में हंगामा करते हुए ड्राइवर और सफाईकर्मियों पर चोरी का
आरोप लगाने लगे। इसी दौरान कैंटीन संचालक सोनू वहां पहुंच गया। कर्मचारियों
का आरोप है कि सोनू ने अलीनगर पुलिस को सूचना दे दी जिसपर दो पुलिसकर्मी
अस्पताल पहुंचकर उन्हें वहां से थाने ले आए। थाने में मौजूद कैंटीन संचालक
सोनू ने उन्हें दस हजार रुपये देकर छुड़ाने की बात कही।
लगभग दो घंटे बाद
पुलिसकर्मियों ने उन्हें छोड़ दिया। आरोप है कि थाने से बाहर आकर सोनू ने
सादे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए और कहा कि इस पर लिख दिया जायेगा कि तुम
लोगो का दस हजार रुपए अदा करने के बाद समझौता हो गया है।
हालांकि
कर्मचारियों ने कहा कि उनके सामने रुपये का लेन देन नहीं हुआ। इसके बाद
दोनों रेलकर्मी थाने से वापस आने लगे तो अस्पताल के पास सोनू ने दोनों
पुलिसवालों को एक हजार रुपये देने के लिए कहा। जिसपर रेलकर्मियों ने देने
से इंकार कर दिया। सोनू ने अपने पास से पुलिसवालों को उक्त रकम दे दी।
मंगलवार की सुबह कैंटीन संचालक के अस्पताल में पहुंचने के बाद रेलकर्मियों
से रात्रि को दिए गए ग्यारह हजार रुपये मांगने लगा तो सभी अस्पतालकर्मी
भड़क गए और कार्य ठप करने के बाद कैंटीन बंद कराकर संचालक के विरुद्ध
कार्रवाई की मांग करने लगे।
सूचना के बाद सीएमएस डा. एससी साहू, सीनियर
डीपीओ जेपी सिंह, इंस्पेक्टर आरपीएफ वेस्ट पोस्ट रविशंकर सिंह, एसआई सुनिल
पांडेय एवं अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए और अस्पतालकर्मियों को
समझा-बुझाकर मामले के संबंध में कार्रवाई करने की बात कही जिसपर
अस्पतालकर्मी शांत हुए और कार्य पर वापस लौट
गए।
वर्जन
‘कैंटीन संचालक के विरुद्ध
जल्द ही जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की
जाएगी। वहीं कर्मचारियों की अन्य मांगो को जल्द ही पूरा करने का हर संभव
प्रयास किया जाएगा’। डा. एससी साहू, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक मंडल लोको
अस्पताल मुगलसराय।
वर्जन
‘शिकायत मिलने पर अस्पताल से दो कर्मियों को
लाया गया था। थाने के बाहर हुए समझौते के बाद उन्हें छोड़ दिया गया’। अरूण
कुमार यादव, थानाध्यक्ष अलीनगर।