राष्ट्रीय एमडीएम रसोइया फ्रंट के बैनर तले उचित मानदेय सहित विभिन्न मांगों को लेकर रसोइयों ने शुक्रवार को नगर में जुलूस निकालकर विकास भवन से समीप धरना दिया और कलेक्ट्रेट पहुंचकर दस सूत्री मांगपत्र एसडीएम को सौंपा।
धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में रसोइयों की स्थिति बंधुआ मजदूरों से भी खराब है। न तो इनके काम की सुरक्षा है ना ही जीने लायक पारिश्रमिक दिया जाता है। इन्हें मनमाने तरीके से विद्यालयों में रखा और हटाया जाता है। कहा कि नियुक्त रसोइयों में ज्यादातर गरीब महिलाएं हैं। जब तक इनको कानूनी संरक्षण प्रदान नहीं किया जाएगा तब तक इनका शारीरिक और मानसिक शोषण बंद नहीं होगा। रसोइयों के अधिकारों के लिए 27 फरवरी से संसद मार्ग जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
इसस पूर्व रसोइयों ने चंदौली-मझवार रेलवे स्टेशन के सामने से जुलूस निकाला और केंद्र तथा प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे दस सूत्री ज्ञापन एसडीएम को सौंपा, जिसमें एमडीएम योजना एनजीओ को नहीं दिए जाने, रसोइयों को स्थायी कर 12 माह का मानदेय देने, छह हजार रुपये मानदेय, विद्यालयों में आधुनिक उपकरण और गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने, पेंशन बीमा कराने, बीस बच्चों के नामांकन पर एक रसोइएं की नियुक्ति करने और ड्रेस कोड लागू करते हुए प्रति वर्ष दो वस्त्र उपलब्ध कराने आदि मांगे शामिल रहीं। इस अवसर पर जुल्फेकार, रमेश चंद्रा, राधेश्याम, सरिता, मीला, प्यारी आदि रहे।
कृष्णावती, शिवमूरत आदि रहे।