इलिया। चकिया कोतवाली क्षेत्र के बनरसिया गांव की दलित बस्ती में बृहस्पतिवार की दोपहर आग लगने से तीन परिवारों के आशियाने जल गए। कच्चे घरों लगी आग से चार बकरियां जिंदा जल गईं तो एक गाय और भैंस झुलस गयी। आग बुझाने के दौरान वृद्धा भी गंभीर रूप से झुलस गई। एक घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया लेकिन तब तक पूरी गृहस्थी राख हो चुकी थी। बनरसिया गांव की दलित बस्ती में रामदुलारे राम के कच्चे घर में दोपहर में आग लग गई। तेज हवा चलने के कारण आग ने हेमराज और राधे राम के घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था, जिसमे चीख पुकार मच गई। परिवार वालों ने घरों के अंदर बंधे कुछ मवेशियों को तो बाहर निकाल लिया लेकिन रामदुलारे की गाय और हेमराज की भैंस झुलस गई। वहीं, राधे राम की चार बकरियां जिंदा जल गईं। आग बुझाने के दौरान रामदुलारे की पत्नी जियाछी देवी (60) गंभीर रूप से झुलस गईं, जिन्हें चकिया स्थित जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। अग्निकांड में रामदुलारे की दो मोटरसाइकिलें, दो साइकिलों के अलावा तीनों परिवार की पूरी गृहस्थी राख हो गई। तीनों परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए। ग्रामीणों की सूचना पर एक घंटे के बाद पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया लेकिन तब तक सब तबाह हो चुका था। कानून ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया और पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।