निर्माणाधीन सैयदराजा-जमानिया राजमार्ग पर उड़ रही धूल व निर्माण कार्य बंद
होने से नाराज लोग शुक्रवार की सुबह आठ बजे कंजेहरा गांव के समीप सड़क पर
धरने पर बैठ गए।
जिससे जमानिया से लेकर कोरमी गांव तक करीब दस
किलोमीटर लंबा वाहनों का जाम लग गया। जाम की सूचना पर एसडीएम सदर गिरीश
कुमार और सीओ सकलडीहा श्यामदेव बिंद कंजेहरा पहुंचे। उन्होंने लोगों को
समझा बुझाकर धरना खत्म कराया।
इस दौरान सुबह आठ से दोपहर एक बजे तक
आवागमन बाधित रहा। धरने पर बैठे ग्रामीणों का कहना था कि सैयदराजा-जमानिया
राष्ट्रीय राजमार्ग पर विगत तीस माह से 8 करोड़ रुपये की लागत से कार्यदायी
संस्था गंगा सागर द्वारा निर्माण कार्य करवाया जा रहा है।
लेकिन तीस माह
बाद भी अब तक मार्ग पर न तो मिट्टी-गिट्टी और ना ही पुलिया निर्माण का
कार्य ही पूरा हो सका है। कार्यदायी संस्था ने मार्ग पर जगह जगह मिट्टी,
गिट्टी और पुलिया निर्माण के लिए गड्डे खोदकर छोड़ दिया है। जिससे आए दिन
मार्ग पर जाम लगा रहता है। साथ ही मार्ग पर डाली गई मिट्टी व धूल से
कंजेहरा, असना, कोदई एवं तलाशपुर आदि गांवों में लोगों को भारी दिक्कत हो
रही है।
मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर गिरीश कुमार ने लोगों को समझाने का
प्रयास किया, पर लोग डीएम और ठेकेदार को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े
रहे। इस बीच एसडीएम और जिला पंचायत सदस्य माया सिंह के बीच बहस भी हुई।
एसडीएम ने राष्ट्रीय राजमार्ग के एसडीओ सतेंद्रनाथ से मोबाइल पर बात कर
लोगों को आश्वासन दिया कि 30 मार्च तक कंदवा से तलाशपुर और पंद्रह अप्रैल
तक बरुइन मोड़ तक काम पूरा करा दिया जाएगा।
इसी तरह तीस मई तक पूरे मार्ग
का एक लेयर पिच करा दिया जाएगा। एसडीएम ने ने ग्रामीणों को दोपहर बारह बजे
अपने कार्यालय बुलाया। जहां राजमार्ग के एसडीओ और ठेकेदार से बातचीत कराई
गई। तब जाम खत्म कर दिया।
आंदोलन का नेतृत्व जिला पंचायत सदस्य माया सिंह
ने किया। इस दौरान सयुस के जिला उपाध्यक्ष देवेंद्र यादव, संजय सिंह,
परमेंद्र यादव, दिलीप गोंड, मनोज गोंड, त्रिलोकी यादव, विभूति यादव,
मुख्तार अंसारी, सिजेंद्र राजभर सहित काफी ग्रामीण रहे।