चंदौली। जिले में अब ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों पर सख्त कार्रवाई होगी। डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने निर्देश दिया कि इसमें लापरवाही बरतने वाले बल्क वेस्ट जनरेटर्स से पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति शुल्क (भारी जुर्माना) वसूला जाएगा। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर गठित स्पेशल सेल की समीक्षा बैठक में डीएम ने अधिकारियों को अपार्टमेंट, होटल, मैरिज हॉल, अस्पताल और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों का तत्काल चिह्नित करने और नियमों का पालन कराने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि सभी संस्थानों को अपने परिसर में चार अलग-अलग रंग के डस्टबिन अनिवार्य रूप से रखने होंगे। इनमें सूखा कूड़ा, गीला कूड़ा, सैनिटरी वेस्ट और स्पेशल केयर वेस्ट के लिए अलग-अलग डस्टबिन शामिल होंगे, ताकि कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई संस्थान नियमों का पालन नहीं करता या कूड़े का उचित निस्तारण नहीं करता है तो संबंधित निकाय उसके खिलाफ पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति शुल्क लगाने सहित नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। बैठक में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी, नगरीय निकायों के अधिशासी अधिकारी और स्पेशल सेल के सदस्य मौजूद रहे।