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Chandauli News: उमस और बढ़ते तापमान से बिगड़ रही सेहत, रोज 50 से अधिक बीपी व हृदय रोगी पहुंच रहे अस्पताल

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चकिया जिला संयुक्त चिकित्सालय में एक्स-रे कक्ष के सामने जुटी मरीजों की भीड़। संवाद
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उमस और बढ़ते तापमान का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। विशेषकर बुजुर्गों और पहले से बीपी व हृदय रोग से पीड़ित मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। जिला संयुक्त चिकित्सालय में इन दिनों ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बृहस्पतिवार को अस्पताल की ओपीडी में विभिन्न रोगों से संबंधित 537 मरीजों ने इलाज कराया। इनमें 50 से अधिक मरीज सीने में दर्द, घबराहट, उच्च रक्तचाप और अन्य हृदय संबंधी समस्याओं से पीड़ित थे।
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चिकित्सकों के अनुसार, अत्यधिक गर्मी और शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के कारण हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। इससे रक्तचाप में उतार-चढ़ाव और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन की समस्या बढ़ रही है। इसका सबसे अधिक असर बुजुर्गों और हृदय रोगियों पर पड़ रहा है। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. आर.आर. यादव ने बताया कि उमस और गर्मी के कारण बुजुर्गों में बीपी तथा हृदय संबंधी शिकायतें बढ़ी हैं। ऐसे मरीज बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं। उन्होंने सलाह दी कि बुजुर्ग नियमित रूप से रक्तचाप की जांच कराते रहें और आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय परामर्श लें। उन्होंने कहा कि तेज धूप में बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी को नजरअंदाज न करें।
गंभीर स्थिति, विशेषकर लकवा जैसे मामलों में मरीजों को चंदौली या वाराणसी स्थित बीएचयू रेफर किया जा रहा है। जिला संयुक्त चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. आर.बी. सिंह ने बताया कि भीषण गर्मी और तापमान में उतार-चढ़ाव के दौरान रक्तचाप एवं हृदय रोगियों के लिए जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे मौसम में डिहाइड्रेशन से बचाव, दोपहर की धूप से परहेज और चिकित्सक की सलाह के अनुसार दवाओं का नियमित सेवन बेहद जरूरी है।
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