बुधवार को सूचना मिली कि आरोपी महिला बच्चे के साथ चंदौली मझवार स्टेशन पर बैठी है। वह बच्चे को कहीं और ले जाने की फिराक में है। इस सूचना पर टीम ने पहुंच कर महिला को गिरफ्तार कर लिया और बच्चे को कब्जे में ले लिया। गिरफ्तार सविता निवासी महावीरगंज अंबा थाना जिला औरंगाबाद का चालान किया गया है। गायब होने के चौथे दिन बालक की बरामदगी से मां रीना सिंह खुशी से फूली नहीं समाई।
बच्चा चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार सविता ने बताया कि वह बच्चा चोरी कर उसे बेचने की फिराक में थी। बताया कि वह रफीगंज से पीडीडीयू जंक्शन आने वाली पैसेंजर ट्रेन में सवार हुई। उसमें पहले से बेटे के साथ बैठी महिला से दोस्ती की। धीरे-धीरे बातों में उसे अपने साथ ले लिया। 24 घंटे उसके साथ रही। जब उसने मुझ पर पूरा विश्वास कर लिया, तब यात्री हॉल में महिला को कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर अचेत कर दिया। इसके बाद आराम से बेटे को लेकर चली गई। जीआरपी निरीक्षक सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे में बच्चा ले जाते हुए महिला दिखी थी। उसके आधार पर जांच पड़ताल की जा रही थी। बताया कि पूछताछ कर बच्चा चोरी की घटनाओं के बारे में और अधिक पता लगाया जा रहा है।
भले एक बच्चा चोरी की तीन दिन के भीतर बच्चे को बरामद कर जीआरपी और पूरी टीम पीठ थपथपा रही है लेकिन 29 अगस्त को चोरी गए नौ माह के मासूम का अभी तक पता नहीं चला है। बेटे को पाकर एक मां की आंखों से खुशी के आंसू छलक आए तो बेटे को न पाकर दूसरी महिला दिन रात आंसू बहा रही है।
पीडीडीयू नगर पानी टंकी के पास रहने वाली महिला सपना, पति मूरत और नौ माह का बच्चा 28 अगस्त की रात रेलवे स्टेशन परिसर स्थित आरक्षण कार्यालय के बाहर सोए थे। आधी रात के बाद किसी ने मासूम को चुरा लिया। सूचना पर जीआरपी ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश की लेकिन अभी तक बच्चे का पता नहीं चला। जीआरपी निरीक्षक सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि नौ माह के मासूम का पता लगाने के लिए टीम लगी हुई है। जल्द ही बच्चे का पता चल जाएगा।