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बारिश के साथ हुई बर्फबारी से मौसम में आया बदलाव

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पीडीडीयू नगर। बारिश के साथ ओले गिरने से मौसम में एकबार फिर परिवर्तन हुआ है। बृहस्पतिवार की दोपहर जिले के पहाड़ी व कुछ मैदानी इलाकों में करीब 20 मिनट तक जमकर ओले गिरे। इसके साथ ही कई अन्य स्थानों पर बूंदाबांदी हुई। बुधवार को जिले का न्यूनतम तापमान 14 व अधिकतम 29 डिग्री सेल्सियस रहा।
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बृहस्पतिवार से मौसम में बदलाव हुआ है। सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर के 12 बजे के करीब बारिश शुरू हो गई। जिले के लगभग सभी स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हुई। बारिश के साथ तेज हवा भी चलती रही जिससे लोगों ने हल्की ठंड का अनुभव किया। वहीं किसानों का कहना है कि बारिश से फसलों को अधिक नुकसान तो नहीं हुआ है पर आने वाले दिनों में यदि बारिश हुई तो दलहनी व तिलहनी फसलों को नुकसान होने की संभावना है। इसकी वजह यह है कि लगभग सभी फसलों में बालियां निकलनी शुरू हो गई हैं। बारिश व हवा से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
नौगढ़। चकरघटृटा और नौगढ़ थाना क्षेत्र में सुबह हुई ओलावृष्टि से चना, मटर, सरसों, जौ, गेहूं, आलू आदि फसलों को नुकसान पहुंचा है। वहीं बारिश से खेतों में पानी भरने से फसलें खराब हो गई हैं। लगभग 20 मिनट तक इतनी ओलावृष्टि हुई कि सड़क, घरों की छतों, मैदानों और खेतों में सफेद चादर बिछ गई। चकरघटृटा थाना क्षेत्र के टिकुरिया, गंगापुर, नौबादी, बरबसपुर, महादेवपुर, केसार, सत्यनारायणपुर, गढ़वा, हरदहवा, पचकेड़ियां, देवदत्तपुर पिपराही सहित अन्य गांवों में अचानक ओलावृष्टि होने से खेतों में फसल की रखवाली कर रहे किसानों को भागकर वापस लौटना पड़ा।
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बड़े आकार के ओले गिरने से जानवर भी पेड़ों के नीचे और शेड में जाकर छिप गए। छतों पर इतने ओले जमा हो गए थे कि लोगों को फावड़े से हटाना पड़ा। तहसीलदार सुरेशचंद्र पांडेय ने भी कई स्थानों पर खेतों में बिछी बर्फ व फसलों का जायजा लिया। दो पहिया और साइकिलों के साथ पैदल चलने वालों को भी रुककर जान बचानी पड़ी। तेजी से ओले गिरने की वजह से चार पहिया वाहन के चालकों ने भी अपनी गाड़ियां रोक दीं। विकास खंड नौगढ़ में चकरघट्टा थाना क्षेत्र के लगभग 25 से अधिक गांवों में ओलावृष्टि हुई। सुबह मौसम साफ था लेकिन 12 बजे के करीब ओले गिरने लगे। क्षेत्र में सौ ग्राम वजन तक के ओले गिरे। ओले गिरने से किसानों की रबी की फसल को बड़ा नुकसान पहुंचा है। चना, मटर, गेहूं, सरसों, जौ, आलू आदि की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। अब तक खेतों में लहलहा रही फसल खेतों में ही बिछ गई है।
किसान मौलाना यादव ने बताया कि ओले गिरने की वजह से सब्जियों की फसल तहस-नहस हो गई हैं। मिर्च, टमाटर, धनिया को बहुत नुकसान हुआ है। पपीते की खोती को नुकसान पहुंचा है।
किसान विवेक यदुवंशी ने कहा कि बारिश और ओले गिरने से किसान सदमे में हैं। गेहूं सहित दलहनी व तिलहनी की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। ओले गिरने से फसलें खेत में ही लोट गई हैं।
किसान रवि शुक्ला ने बताया कि मौसम में हुए अचानक परिवर्तन ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। मेहनत से उपजाई गई फसल एक झटके में बर्बाद हो गई है। किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा।
किसान पीर मोहम्मद का कहना है कि फसलें तैयार होने की कगार पर पहुंच रही थीं। किसान अपनी फसल देखकर प्रफुल्लित हो रहे थे पर ओलों ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया है।
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