पीडीडीयू नगर। विशाल भारत संस्था की ओर से संचालित अनाज बैंक की चंदौली शाखा का उद्घाटन शनिवार को चंदौली मझवार के बाबू तुफानी सिंह महाविद्यालय परिसर में हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य एवं अनाज बैंक के मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार ने नारियल फोड़कर और दीप प्रज्ज्वलित कर शाखा का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने सौ मुसहर परिवारों की महिलाओं को अनाज बैंक का पासबुक एवं अनाज देकर शुभारंभ किया
इस मौके पर इंद्रेश कुमार ने कहा कि भूख वैश्विक समस्या है। कहा अनाज बैंक भूख पीड़ितों के लिए एक आदर्श मॉडल है।
अनाज बैंक के अंतर्राष्ट्रीय चेयरमैन डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि अनाज बैंक का संकल्प है कि कोई भी भूखा न सोए। जिस क्षेत्र में भूख पीड़ितों की संख्या मिलेगी, अनाज बैंक वहां स्थापित किया जाएगा। इस मौके पर डॉ. निरंजन श्रीवास्तव, दीपक आर्य, सूरज चौधरी, मृत्युंजय यादव, ज्ञानप्रकाश, नाजनीन अंसारी, नजमा परवीन, ओम प्रकाश पाण्डेय, ओपी़ सिंह, धनंजय यादव, इली भारतवंशी, खुशी भारतवंशी, उजाला भारतवंशी, दिलीप सिंह, राजकुमार रहे। संचालन अनाज बैंक की प्रबंध निदेशक अर्चना भारतवंशी ने और धन्यवाद ज्ञापन बाबू तूफानी सिंह महाविद्यालय के प्रबंधक अजय कुमार सिंह ने किया।
पीडीडीयू नगर। अनाज बैंक में अनाज जमा करने पर अनोखा ब्याज मिलता है। बैंक प्रबंधन के अनुसार यहां दो तरह के खाता धारक होते हैं। पहले जमा खाताधारक जो पांच किलो अनाज जमा कर, दो फोटो, आधार कार्ड देकर अपना खाता खुलवा सकते हैं। अधिकतम चाहे जितना भी जमा करें। जमा खाता धारकों को पांच से 10 किलो अनाज जमा करने पर ब्याज के रूप में संतोष प्राप्त होता है। 10 से 20 किलो जमा करने पर दुआ मिलती है। 20 से 50 किलो जमा करने पर पुण्य प्राप्त होता है और उससे अधिक जमा करते रहने पर मोक्ष की गारंटी मिल जाती है। अनाज के रूप में आटा, चावल, दाल, नमक, चना, मटर, तेल, सब्जी आदि जमा कर सकते हैं। अनाज बैंक में किसी भी तरह का पैसे का लेन-देन नहीं होता है। जमा खाताधारकों को अनाज बैंक पासबुक जारी करता है। दूसरे निकासी खाताधारक होते हैं। जिनका सर्वे के आधार पर अनाज बैंक में खाता खोलकर जरूरत के आधार पर अनाज उपलब्ध कराया जाता है। सप्ताह या माह में पांच किलो अनाज वितरित किया जाता है। निकासी खाता खोलने के लिए 2 फोटो, आधारकार्ड एवं परिचयकर्त्ता की जरूरत होती है। निकासी खाता खोलने में विधवा, तलाकशुदा, 70 वर्षीय वृद्धा, दिव्यांग को प्राथमिकता दी जाती है।