जिले में प्रतिबंधित पॉलीथिन की बिक्री पर जिम्मेदार नकेल नहीं कस पा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहर तक धड़ल्ले से इसकी बिक्री हो रही है। बाजार में दुकानदार से लेकर ठेले व खोमचा वाले प्रतिबंधित पॉलीथिन में सामान बेच रहे हैं। इसकी बिक्री पर रोक लगाने के लिए जिम्मेदार तो बेखबर हैं ही वहीं लोग भी पर्यावरण के प्रति सचेत नहीं हो रहे हैँ। सामान लेने के लिए बिना झोले के ही घर से बाजार जा रहे हैं। वहीं पिछले दिनों प्रतिबंधित पॉलीथिन की बिक्री पर लगाम लगाये जाने के लिए नगर पालिका, नगर निगम व नगर पंचायत के अधिकारियों को ऑनलाइन बैठक में मुख्यमंत्री निर्देशित भी किया था। इसके बाद भी इस पर रोक नहीं लग पा रही है।
पॉलीथिन के बढ़ते इस्तेमाल से पर्यावरण की बिगड़ी व्यवस्था को सुधारने के लिए एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिव्युनल) ने पचास माइक्रान की पॉनीथिन की बिक्री पर रोक लगाई थी। रोक के बावजूद धड़ल्ले से बाजार में प्रतिबंधित पॉलीथिन की बिक्री हो रही है। जिले में लगभग सौ से अधिक दुुकानदार प्रतिबंधित पॉलीथिन की थोक व फुटकर बिक्री करते है। सूत्र के अनुसार रोजाना लगभग दस कुंतल पॉलीथिन की बिक्री होती है। पिछले दिनों नगर निगम वाराणसी की निशानदेही पर पुलिस ने मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के बखरा गांव के पास एक कंटेनर से काफी मात्रा में प्रतिबंधित पॉलीथिन बरामद किया था। सूत्रों के अनुसार यूपी के गाजियाबाद और गुजरात से काफी बड़े पैमाने प्रतिबंधित पॉलीथिन आती है। इस संबंध में ईओ नगर पालिका कृष्ण चंद्र ने बताया कि प्रतिबंधित पॉलीथिन बिक्री की रोकथाम के लिए लगातार कार्रवाई की जाती है। पॉलीथिन जब्त किये जाने के साथ ही जुर्माने की कार्रवाई की जाती है।