कमालपुर। साढ़े सात वर्ष में भक्त प्रहलाद ने अपनी भक्ति से नरसिंह भगवान को खंभे से प्रकट कर लिया। भगवान भक्तों के अधीन होते हैं। भक्त की इच्छा के अनुरूप भगवान उसे दर्शन देते हैं। यह बातें कस्बा स्थित रामलीला मैदान में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन शनिवार को वृंदावन से पधारे कथाव्यास आचार्य मनोहर कृष्ण महाराज ने कहीं। कथा में संगीत पर उनके सहयोगी सुरेश, नरेश, बृजमोहन आदि रहे। कथा आगे बढ़ाते हुए उन्होंने गजेंद्र मोक्ष की कथा सुनाई। कहा कि गजेंद्र मोक्ष के माध्यम से यह ज्ञान प्राप्त होता है कि मनुष्य जीवन पर्यंत परिवार के बंधन में बंधा रहता है। मैं जीवन समाप्त कर देता है। मानव के अंतिम समय में न पुत्र साथ देता है न पत्नी साथ देती है और न अन्य परिजन साथ देते हैं। साथ देने के लिए सिर्फ भगवान होते हैं। इसलिए निरंतर प्रभु का स्मरण व उनकी भक्ति करते हुए अपने जीवन को सफल बनाएं। बामन भगवान की सुंदर झांकी का दर्शन कराकर वामन अवतार की कथा सुनाई। कहा कि श्रीमद्भागवत कथा श्रवण मात्र से ही हमारे जीवन में आने वाले सभी संकट दूर हो जाते हैं। कथा सुनने वालों में लल्लन रस्तोगी, हरिवंश उपाध्याय ,काजू अग्रहरी, विनोद रस्तोगी, राधारमण, श्रीनिवास गुप्ता, रविंद्र दूबे शामिल रहे।