चंदौली। चिकित्सकीय सेवाओं से जुड़े जिले निजी चिकित्सालय एवं पैथोलॉजी डायग्नोस्टिक सेंटर के प्रबंधक 30 अप्रैल तक अपने लाइसेंस का नवीनीकरण करा लें, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी। ये चेतावनी शुक्रवार को जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने कलेक्ट्रेट सभागार में हुई अस्पताल और सेंटर प्रबंधकों की बैठक के दौरान दी। जिले में 250 के करीब निजी अस्पताल और 100 से अधिक पैथालॉजी और डायग्नोस्टिक सेंटर संचालित हैं।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी निजी अस्पतालों को अपना नवीनीकरण कराने, सभी नॉर्म्स पूरा करने, समय से सभी डॉटा उपलब्ध कराने, बच्चों के जन्म के 24 घंटे के अंदर हेपेटाइटिस बी का टीका लगाने सहित अन्य सेवाओं का नियमानुसार लागू करने के लिए कहा है।
उन्होंने सभी प्रबंधकों को अपने चिकित्सालय के मुख्य द्वार पर स्वास्थ्य से संबंधित डिस्प्ले बोर्ड लगवाने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान डिस्प्ले बोर्ड न पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने बायो मेडिकल वेस्ट एजेंसी को निजी चिकित्सालय एवं पैथालॉजी का बायोवेस्ट डिस्पोज कराकर 15 मार्च तक रिपोर्ट मांगी है।
नेत्र ज्योति अभियान के तहत श्रद्धा नेत्रालय को प्रगति बढ़ाने के लिए भी कहा। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान उन्होंने टीबी नोटिफिकेशन बढ़ाने और टीबी के मरीजों की पहचान कर उनकी जांच कराकर स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट करने के लिए कहा है। बैठक के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. वाई के राय सहित सभी प्रमुख निजी अस्पतालों के डाॅक्टर उपस्थित रहे।